धुरकी : प्रखंड मे मनरेगा मे हो रहे व्याप्त भ्रष्टाचार और सरकारी दिशा निर्देश की अवहेलना सहित मनरेगा ऐक्ट कानून के विरुद्ध सामाग्री आधारित योजनाओं को ऑनगोइंग होने के बाद शुक्रवार को प्रखंड उप प्रमुख धर्मेंद्र यादव ने अपने कार्यालय मे प्रेसवार्ता कर इसकी जानकारी दी है।
उपप्रमुख ने बताया कि सरकारी दिशा-निर्देश की अवहेलना कर और सभी मनरेगा प्रावधान को ताक पर रखकर सामाग्री आधारित कुल 64 पशुसेड योजना को ऑनगोइंग कर दिया गया है। उपप्रमुख ने बताया कि यह मामला उन्हें बीडीओ द्वारा पत्र के माध्यम से जारी किए गए स्पष्टीकरण करने के बाद हुआ है। उन्होने कहा कि धुरकी प्रखंड मे जिस तरह से पुर्व मे गनियारीकला पंचायत मे मनरेगा योजनाओं मे फर्जीवाड़ा किया गया था जिसमे बीपीओ एई जेई रोजगारसेवक पंचायतसेवक सहित सभी संलिप्त लोगो के विरूद्ध धुरकी थाना मे पुर्व मे रिकवरी के लिए एफआईआर भी दर्ज है।
वहीं इसके बावजूद भी ठीक उसी तरह मनरेगा मे सामाग्री आधारित योजनाओ का पुर्नावृति किया जा रहा है।
उन्होने यह भी कहा की वर्तमान मे मनरेगा से जितने भी मेढ़बंदी किया जा रहा है उसमे बिना काम किए फर्जी मजदुरो का डिमांड लगाकर पैसे की निकासी की जा रही है, उपप्रमुख ने कहा की मेढ़बंदी की योजना जिस स्थल पर किया जा रहा है उस स्थल पर खेत मे फसल लगा है, और एक ही स्थल को दिखाकर अनेको मेढ़बंदी की योजनाओ मे पैसे की निकासी की जा रही है।
उपप्रमुख ने कहा है की उन्होने बीडीओ को आवेदन दिया है और संलिप्त लोगो पर कार्रवाई करने के लिए मांग भी किया है, और कहा है की अगर प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा इसपर कार्यावाई नही की जाएगी तब वह ग्रामीण विकास विभाग व मनरेगा आयुक को लिखेंगे। मौके पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के अख्तर अंसारी संजय यादव भी मौजूद थे।