गढ़वा : समाहरणालय के सभा कक्ष में शनिवार को स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत मल कीचड़ एवं सेप्टेज प्रबंधन (FSSM) हेतु एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा यूनिसेफ सपोर्टेड इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट फाउंडेशन (IDF) टीम के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में स्वच्छता प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मल कीचड़ और गंदे पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षित करना था। आईडीएफ टीम के अजय कुमार सिंह और घनश्याम साह ने प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रतिभागियों को फैकेल स्लज एंड सेप्टेज मैनेजमेंट (FSSM) के महत्व और तकनीकों पर विस्तृत जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि कैसे गंदे पानी, ब्लैक वाटर और ग्रे वाटर को उपचारित कर साफ पानी में बदला जा सकता है और उसका पुनः उपयोग किया जा सकता है। साथ ही, भारत सरकार के ओपन डिफेक्शन फ्री (ODF) अभियान के तहत चलाए जा रहे ओडीएफ प्लस और ओडीएफ प्लस प्लस की जानकारी भी दी गई।
इस कार्यशाला में उप विकास आयुक्त-सह-उपाध्यक्ष जिला जल एवं स्वच्छता समिति सहित अन्य वरीय पदाधिकारी, अभियंता, मुखिया और जलसहिया उपस्थित थे। सभी ने पर्यावरण और सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने के लिए मल कीचड़ और गंदे पानी के प्रबंधन पर बल दिया।