बड़गड़ : बड़गड़ बाजार क्षेत्र में सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण कर दुकान और मकान का निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिससे बाजार का आकार सिकुड़ता जा रहा है। यहां हर रविवार को लगने वाला साप्ताहिक हाट-बाजार अब धीरे-धीरे सिमटने लगा है। इसके चलते प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आने वाले किसानों और छोटे दुकानदारों को मुख्य सड़क पर ही अपने उत्पाद बेचने को मजबूर होना पड़ रहा है।
अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ बड़गड़ के ग्रामीणों ने एक आवेदन गुरुवार को अंचल पदाधिकारी भंडरिया, राकेश भूषण सिंह को सौंपा। आवेदन में ग्रामीणों ने बाजार क्षेत्र में हो रहे अवैध निर्माण को तत्काल रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि एक विशेष समुदाय के लोग, जिन्हें राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, बड़ी मात्रा में सरकारी भूमि पर कब्जा कर दुकानों और मकानों का निर्माण कर रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस कब्जे के कारण बाजार में आने वाले छोटे दुकानदारों और किसानों को अपना सामान बेचने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है, जिससे उन्हें सड़क किनारे ही अपनी दुकानें लगानी पड़ रही हैं। आवेदन में हस्ताक्षर करने वाले प्रमुख ग्रामीणों में अरुण प्रसाद, प्रेमसागर जायसवाल, आनंद प्रसाद सोनी, दिनानाथ सोनी, रमेश प्रसाद सोनी, नारद प्रसाद, मुकेश सोनी, बजरंग प्रसाद, डॉक्टर बसंत प्रसाद, अखिलेश पांडेय, ओमप्रकाश, प्रकाश सोनी, रवि सोनी, राहुल गुप्ता और सुभाष प्रसाद शामिल हैं।
सरकारी भूमि की अवैध खरीद-फरोख्त जोरों पर :
बड़गड़ बाजार में न केवल सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण हो रहा है, बल्कि इसे ऊंचे दामों पर बेचा भी जा रहा है।
स्थानीय राजनैतिक संरक्षण प्राप्त लोग बाहरी लोगों की मदद से सरकारी जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। यह सब होते हुए भी स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने के लिए यहां बाहरी लोग भी आकर दूकान और मकान बना रहे हैं, और प्रशासन इस अवैध गतिविधि पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
हरे-भरे पेड़ों की भी हो रही कटाई:
अतिक्रमण करने वालों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे बिना किसी डर के फलदार हरे-भरे पेड़ों को भी काट रहे हैं। बड़गड़ थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने आम के विशाल वृक्ष को दिन-दहाड़े बिजली चालित आरा मशीन से काट दिया गया, ताकि मकान निर्माण के लिए जगह बनाई जा सके।
बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
अंचल पदाधिकारी ने दी कार्रवाई का आश्वासन :
इस संबंध में जब भंडरिया अंचल पदाधिकारी राकेश भूषण सिंह से पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण का मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस मामले की जांच कर अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही इस अवैध अतिक्रमण पर रोक लगेगी और बाजार क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा।
इस अवैध कब्जे और निर्माण ने बड़गड़ के बाजार क्षेत्र में हलचल मचा दी है, और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन कब और कैसे इस मामले में कार्रवाई करता है।