गढ़वा: वैसे तो मेंहदी की अनेकों कहानियां है लेकिन किसी महिला की श्रृंगार की बात करें तो बिना मेंहदी के पूरे नहीं होते। सुंदरता में चार चांद लगा देने वाले मेंहदी को पिया के प्यार का प्रतीक माना जाता है तो ईश्वर में सही भक्ति से भी जोड़ कर देखा जाता है। कोई-कोई तो हाथों पर अच्छी मेंहदी उग जाने पर उसे भाग्यशाली होने से जोड़कर देखती हैं। हरेक पर्व त्योहार पर महिलाओं की हाथों में सजी मेंहदी सबके मन को भा जाती है, चाहे वह इंसान हो या ईश्वर। सबसे बड़ी बात है कि महिलाएं इसे अपने हाथों पर लगवाकर न सिर्फ सकून महसूस करती हैं बल्कि उन्हें सौन्दर्य में आत्म संतुष्टि का आनंद भी प्राप्त होता है।
आज जितिया यानी जीवित्पुत्रिका का पर्व है।
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महिलाएं अपने संतानों के दीर्घायु, निरोग और सुखी-सम्पन्न होने की कामना के लिए इस व्रत को करती हैं। इस दिन भी हाथों पर मेंहदी लगाने की मान्यता है। खुशी के प्रतीक इस मेंहदी की रंग से ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति दिखाने और उनसे मनोकामना पूरा करने की पूरी उम्मीद की जाती है। मेंहदी के रंग दिल, दिमाग और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। जो कटुता को समाप्त कर मित्रता का द्वार खोल देते हैं। इस तरह शांति की स्थापना होती है जो ईश्वर को प्रिय है। ईश्वर खुश होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। मेंहदी तो वैसे कोई भी लगा लेता है परंतु वह आकर्षक, मोहक और प्रेरणादाई हो, यह सब नहीं कर पाते। यह कला अथवा हुनर कुछेक लोगों में ही पाई जाती है।
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यही कारण है कि मेंहदी सजाने की कला एक बड़ा व्यवसाय का भी रूप ले लिया है, दुल्हन-दूल्हा को सजाना हो या पार्टी फंक्शन का मौका हो। इसके लिए एक-एक व्यक्ति पर हजारों रुपए खर्च किए जाते हैं। मेंहदी सजाने की कला आज रोजगार सृजन का सशक्त साधन बन गया है। यही कारण है शिक्षण संस्थानों सहित अन्य संस्थानों में मेंहदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है।
मेंहदी सजाने की हुनर की बात करें तो अनेकों महिलाएं आपको मिल जायेंगी लेकिन गढ़वा जिला मुख्यालय के सोनपुरवा स्टेशन रोड की लकी रानी की हुनर औरों से काफी भिन्न है। गोपीनाथ सिंह इंटर कॉलेज में इंटर की छात्रा लकी रानी ने मेंहदी लगाने की न कहीं प्रशिक्षण लिया है और न ही उसे इसमें रुचि ही थी।
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वह पर्व-त्योहार के मौके पर अपनी मां को मेंहदी लगा देती थी। वहीं से खूब बढ़िया मेंहदी लगाने की चर्चा शुरू हो गई। चाची, बहन, पड़ोसी की हाथों में मेंहदी की रौनक लाने वाली लकी रानी पूरे मुहल्ले में फेमस हो गई। अब उसे चाहे जो भी डिजाइन दे दीजिए उसे आपके हाथों पर हूबहू उकेर देती है। उसने बताया की मेंहदी सजाना उसका शौक बन गया है। अब उसे भी इस कार्य में आनंद आता है। अभी इसे व्यवसाय बनाने की सोच नहीं है। अभी और सीखने की चाहत है।