whatshot Developed by O2OSELL.COM favorite 28168737 readers visited
Advertisement
Loading...

Advertisement

इंटर की छात्रा में मेंहदी सजाने की है अनोखी कला, जितिया पर्व पर मेंहदी का महत्व

location_on गढ़वा access_time 26-Sep-24, 11:06 AM visibility 733
Share



इंटर की छात्रा में मेंहदी सजाने की है अनोखी कला, जितिया पर्व पर मेंहदी का महत्व
मेंहदी सजाती लकी रानी


गढ़वा check_circle
संवाददाता



गढ़वा: वैसे तो मेंहदी की अनेकों कहानियां है लेकिन किसी महिला की श्रृंगार की बात करें तो बिना मेंहदी के पूरे नहीं होते। सुंदरता में चार चांद लगा देने वाले मेंहदी को पिया के प्यार का प्रतीक माना जाता है तो ईश्वर में सही भक्ति से भी जोड़ कर देखा जाता है। कोई-कोई तो हाथों पर अच्छी मेंहदी उग जाने पर उसे भाग्यशाली होने से जोड़कर देखती हैं। हरेक पर्व त्योहार पर महिलाओं की हाथों में सजी मेंहदी सबके मन को भा जाती है, चाहे वह इंसान हो या ईश्वर। सबसे बड़ी बात है कि महिलाएं इसे अपने हाथों पर लगवाकर न सिर्फ सकून महसूस करती हैं बल्कि उन्हें सौन्दर्य में आत्म संतुष्टि का आनंद भी प्राप्त होता है। आज जितिया यानी जीवित्पुत्रिका का पर्व है।
Advertisement
महिलाएं अपने संतानों के दीर्घायु, निरोग और सुखी-सम्पन्न होने की कामना के लिए इस व्रत को करती हैं। इस दिन भी हाथों पर मेंहदी लगाने की मान्यता है। खुशी के प्रतीक इस मेंहदी की रंग से ईश्वर के प्रति सच्ची भक्ति दिखाने और उनसे मनोकामना पूरा करने की पूरी उम्मीद की जाती है। मेंहदी के रंग दिल, दिमाग और शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। जो कटुता को समाप्त कर मित्रता का द्वार खोल देते हैं। इस तरह शांति की स्थापना होती है जो ईश्वर को प्रिय है। ईश्वर खुश होते हैं और अपना आशीर्वाद प्रदान करते हैं। मेंहदी तो वैसे कोई भी लगा लेता है परंतु वह आकर्षक, मोहक और प्रेरणादाई हो, यह सब नहीं कर पाते। यह कला अथवा हुनर कुछेक लोगों में ही पाई जाती है।
Advertisement
यही कारण है कि मेंहदी सजाने की कला एक बड़ा व्यवसाय का भी रूप ले लिया है, दुल्हन-दूल्हा को सजाना हो या पार्टी फंक्शन का मौका हो। इसके लिए एक-एक व्यक्ति पर हजारों रुपए खर्च किए जाते हैं। मेंहदी सजाने की कला आज रोजगार सृजन का सशक्त साधन बन गया है। यही कारण है शिक्षण संस्थानों सहित अन्य संस्थानों में मेंहदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाता है। मेंहदी सजाने की हुनर की बात करें तो अनेकों महिलाएं आपको मिल जायेंगी लेकिन गढ़वा जिला मुख्यालय के सोनपुरवा स्टेशन रोड की लकी रानी की हुनर औरों से काफी भिन्न है। गोपीनाथ सिंह इंटर कॉलेज में इंटर की छात्रा लकी रानी ने मेंहदी लगाने की न कहीं प्रशिक्षण लिया है और न ही उसे इसमें रुचि ही थी।
Advertisement
वह पर्व-त्योहार के मौके पर अपनी मां को मेंहदी लगा देती थी। वहीं से खूब बढ़िया मेंहदी लगाने की चर्चा शुरू हो गई। चाची, बहन, पड़ोसी की हाथों में मेंहदी की रौनक लाने वाली लकी रानी पूरे मुहल्ले में फेमस हो गई। अब उसे चाहे जो भी डिजाइन दे दीजिए उसे आपके हाथों पर हूबहू उकेर देती है। उसने बताया की मेंहदी सजाना उसका शौक बन गया है। अब उसे भी इस कार्य में आनंद आता है। अभी इसे व्यवसाय बनाने की सोच नहीं है। अभी और सीखने की चाहत है।
Advertisement
Advertisement


Advertisement
Advertisement


Trending News

#1
कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक को 5000 रुपये की घूस लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

location_on गढ़वा
access_time 23-Apr-25, 12:21 PM

#2
पर्यावरण हितैषी सामग्रियों से ही बनें पूजा की प्रतिमाएँ : नीरज श्रीधर स्वर्गीय

location_on गढ़वा
access_time 21-Sep-26, 11:43 AM

#3
51वें साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा-पाठ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

location_on गढ़वा
access_time 23-Sep-26, 04:22 PM

#4
इंदिरा गांधी रोड पर युवक को गोली मारकर घायल किया गया

location_on गढ़वा
access_time 30-Jun-25, 08:41 PM

#5
सफलता पाने के लिए मेहनत, धैर्य और समर्पण की होती है आवश्यकता : छाया

location_on गढ़वा
access_time 28-Apr-25, 05:01 PM


Latest News

51वें साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा-पाठ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

location_on गढ़वा
access_time 23-Sep-26, 04:22 PM

श्रीजानकी बाग में आज होगा 51वाँ श्रीहनुमान चालीसा-पाठ और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक चर्चा भी

location_on गढ़वा
access_time 22-Sep-26, 03:57 PM

पर्यावरण हितैषी सामग्रियों से ही बनें पूजा की प्रतिमाएँ : नीरज श्रीधर स्वर्गीय

location_on गढ़वा
access_time 21-Sep-26, 11:43 AM

प्रथम भारतीय स्वाधीनता संग्राम के अमर बलिदानियों को सादर समर्पित तिलक करो इस मिट्टी से... कार्यक्रम सम्पन्न

location_on गढ़वा
access_time 13-May-26, 11:02 AM

गढ़वा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई का गठन, कवि सम्मेलन में गूंजे राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार के स्वर

location_on गढ़वा
access_time 15-Apr-26, 03:50 PM

कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण संपन्न, शिव पहाड़ी गुफा तक पहुँचा कला जत्था

location_on गढ़वा
access_time 07-Apr-26, 10:56 AM

गढ़वा के परिहारा गाँव में साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ का शुभारंभ, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

location_on गढ़वा
access_time 01-Apr-26, 11:29 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 02:27 PM

संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में कला साधिका संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 15-Mar-26, 11:29 PM

o2osell.com का एप गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें।
Get it on Google Play