गढ़वा : मुख्यालय के माँ गढ़देवी मंदिर प्रांगण और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार को पुत्र की दीर्घायु और कल्याण के लिए जीवित्पुत्रिका व्रत (जिउतिया) श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंगलवार को व्रती महिलाओं ने नहाए खाए अनुष्ठान के साथ इस पर्व की शुरुआत की।
जिउतिया व्रत को हिंदू धर्म में विशेष महत्व दिया जाता है, जिसमें महिलाएं संतान की लंबी आयु और बेहतर स्वास्थ्य के लिए 24 घंटे का निर्जला उपवास रखती हैं। व्रती महिलाओं ने जीतवाहन देवता को खीरा और मिश्री का प्रसाद चढ़ाकर पूजन किया। गुरुवार को नियमपूर्वक इस व्रत का पारण किया जाएगा।
माँ गढ़देवी मंदिर, काली माँ मंदिर, फॉरेस्ट के माँ दुर्गा मंदिर, जोड़ा मंदिर, और अन्य मंदिरों में सामूहिक पूजन आयोजित हुआ।
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गायत्री शक्तिपीठ में महिलाओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर संतान की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि की कामना की। माँ गढ़देवी मंदिर के पुजारी राजन पंडित ने व्रती महिलाओं को पर्व की कथा सुनाई।
इस मौके पर मीना देवी, अनीता देवी, गीता जायसवाल, कंचन जायसवाल, अनिता दत्त, सिमा यादव, आरती यादव, किरण यादव सहित कई महिलाएं उपस्थित थीं।