गढ़वा :
आजकल सभी राज्यों में बोर्ड परीक्षा का मौसम चल रहा है। तब यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि बच्चों को परीक्षा के तनाव से मुक्त किया जाए। जब छात्र परीक्षा कक्ष में मुक्त मन से एग्जाम पेपर लिख पाएंगे तभी वह सफलता हासिल कर पाएंगे।
अभाविप कांडी के नगर मंत्री प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि वैसे तो जीवन एक परीक्षा है, लेकिन जब कोई छात्र परीक्षा शब्द सुनता है तो मानों उसके होश उड़ जाते हैं। बच्चे आनंद से बिना किसी घबराहट के परीक्षा दे पाएं इसकी जवाबदेही हम सभी की है।
उन्होंने 10वीं तथा 12वीं की परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को लगन के साथ बेहतर तरीके से परीक्षा देने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा से जुड़े होने के नाते मुझे आप सभी से सफलता और अच्छे प्रदर्शन की अपेक्षा है।
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परीक्षा आपको अपनी प्रतिभा और दृढ़ संकल्प दिखाने का एक अच्छा अवसर होता है परन्तु एक बात मैं स्पष्ट करना चाहूंगा कि आपकी प्रतिभा को परीक्षा द्वारा नहीं मापा जा सकता है, लेकिन आपका परिश्रम आपके द्वारा प्राप्त अंकों से परिलक्षित होता है। आपको खुद पर पूर्ण विश्वास करना चाहिए और चुनौतियों से डरने की आवश्यकता नहीं है। यह परीक्षा आपके शैक्षणिक ज्ञान के साथ-ही-साथ आपके धैर्य, एकाग्रता, समय प्रबन्धन और साहस का परीक्षण है। बिना हड़बड़ाहट के शांतचित्त होकर प्रश्नपत्र के आलोक में ही उत्तर देने हैं। जीवन के प्रत्येक चरण में हम सभी को विभिन्न परीक्षाओं से होकर गुजरना होता है जो छात्र जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। आप सभी परीक्षा से पूर्व और परीक्षा हाल में अपने धैर्य और साहस को कम ना होने दें सफलता अवश्य ही आपके कदम चूमेगी।
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परीक्षा आपकी सफलता का पहला पायदान है आप सब इसका सफर एक निश्चित प्रबंधन की रणनीति के साथ तय करें।