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पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच ने पूरे किए 21 वर्ष, 22वें वर्ष में प्रवेश — कला, संस्कृति और समाज सेवा का सतत अभियान जारी

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पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच ने पूरे किए 21 वर्ष, 22वें वर्ष में प्रवेश — कला, संस्कृति और समाज सेवा का सतत अभियान जारी


संजय कुमार यादव check_circle
संवाददाता



गढ़वा : कला एवं समाज सेवा को समर्पित संस्था पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच, नवादा, गढ़वा ने अपने गौरवशाली 21 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं और 22वें वर्ष में प्रवेश किया है। इस अवसर पर मंच द्वारा संचालित नाट्य प्रशिक्षण केंद्र में माता सरस्वती, भगवान नटराज तथा आचार्य भरतमुनि का विधिवत पूजन किया गया। पूजन कार्यक्रम में रंगकर्मी कौस्तुभ एवं बाल कला साधक विहान और अद्विक ने सहभागिता निभाई।

संस्था स्थापना काल से ही भारत माता के अमर सपूतों के योगदान को केंद्र में रखकर नाट्य मंचन, श्रद्धांजलि सभाएं तथा सम्मान समारोहों का निरंतर आयोजन करती आ रही है। कला के विविध आयामों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता फैलाने का अभियान मंच लगातार चला रहा है।

मंच की प्रमुख प्रस्तुतियों में “समर्पण” नाटक विशेष रूप से उल्लेखनीय है। इस नाटक के माध्यम से गढ़वा जिले के रमकंडा निवासी बलिदानी नारायण साव के राष्ट्रसमर्पित जीवन और बलिदान को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का प्रयास किया गया। नाटक में कौस्तुभ, प्रेम दीवाना, शिव शंकर मेहता, अजय मेहता, धर्मेंद्र कुमार और अजित दीवाना सहित अन्य कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय किया है।

मंच से जुड़ी अनेक प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। इसी मंच से अपनी अभिनय यात्रा शुरू करने वाले दिव्य प्रकाश शुक्ल ने डीडी नेशनल के धारावाहिक “जन जन में राम” में महत्वपूर्ण भूमिका निभाकर गढ़वा सहित पूरे झारखंड को गौरवान्वित किया है।

साहित्यिक गतिविधियों के क्षेत्र में भी मंच सक्रिय है। नवोदित रचनाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए “काव्यानुरागी” नामक मासिक कार्यक्रम का नियमित आयोजन किया जाता है, जहां नई प्रतिभाओं को मंच के साथ वरिष्ठ साहित्यकारों का मार्गदर्शन भी प्राप्त होता है। इस मंच से उभरे कई रचनाकार प्रांतीय और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं।

नारी सशक्तिकरण की दिशा में भी मंच द्वारा प्रतिवर्ष तलवारबाजी प्रतियोगिता तथा झांसी की रानी लक्ष्मीबाई सम्मान समारोह का आयोजन जिला मुख्यालय सहित दूरस्थ क्षेत्रों में किया जाता है।

प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अमर हुतात्माओं की स्मृति में हर वर्ष 10 मई को “तिलक करो इस मिट्टी से” कार्यक्रम आयोजित होता है।

इसमें स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े पावन स्थलों की मिट्टी से भरे कलश का पूजन कर लोगों को तिलक लगाया जाता है और वीरों के बलिदान का स्मरण कराया जाता है।

मंच द्वारा संचालित नाट्य प्रशिक्षण केंद्र के माध्यम से नई पीढ़ी को रंगमंच की विधाओं का प्रशिक्षण देने का कार्य भी निरंतर जारी है। संस्था ने अपने 22वें वर्ष में कला, संस्कृति, राष्ट्र चेतना और सामाजिक जागरूकता के कार्यों को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया है।





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