whatshotDeveloped by : O2OSELL.COM
💗 27052169
Loading...


सुसंस्कारित समाज का आधार है संयुक्त परिवार : नीरज श्रीधर स्वर्गीय

location_on गढ़वा access_time 09-Jan-26, 02:30 PM visibility 80
Share



सुसंस्कारित समाज का आधार है संयुक्त परिवार : नीरज श्रीधर स्वर्गीय


संजय कुमार यादव check_circle
संवाददाता



गढ़वा :

              अखण्ड भारतवर्ष की वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमुख कारण था आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान रूपी विरासत।

               पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच के निदेशक नीरज श्रीधर 'स्वर्गीय' ने बताया कि अनेकता में एकता को मूर्त रूप प्रदान करने वाले अपने राष्ट्र की कई विशेषताओं में एक रही है संयुक्त परिवार व्यवस्था। संयुक्त परिवार अर्थात् ऐसा परिवार जिसमें दो से अधिक पीढ़ियों के सदस्य एक ही घर में रहने के साथ-साथ एक ही चूल्हे में बना भोजन ग्रहण करते हैं। सभी सदस्यों का अभिभावक परिवार के मुखिया हुआ करते हैं। घर की किसी भी समस्या का निराकरण सब मिलकर करते और घर के मुखिया का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होता रहा है।

               यह सत्य है कि सोलह संस्कारों के बिना भारतीय संस्कृति अपूर्ण है और सोलह संस्कारों का पालन संयुक्त परिवार में ही संभव है।

                वर्तमान समय में नई पीढ़ी के अन्दर जो विकृतियाँ दिख रही हैं उसका प्रमुख कारण है सोलह संस्कारों का पालन ठीक से नहीं हो पाना। और सोलह संस्कारों का पालन संयुक्त परिवार में ही सम्भव है।

               संयुक्त परिवार में कामकाजी माता-पिता की संतान अपने दादा-दादी, चाचा-चाची की देख रख में पलने के कारण सुसंस्कारित होते रहे हैं।

                किन्तु जब से संयुक्त परिवार की व्यवस्था खत्म होने लगी है तभी से नई पीढ़ी में आपराधिक प्रवृत्तियाँ पनपने लगी हैं।

एकाकी परिवार में माता-पिता की व्यस्तता के कारण उनकी संतानों को खाली समय अधिक मिल जाया करता है। ऐसी दशा में उनके अन्दर प्रायः नकारात्मकता पनपने लगती है जिसके फलस्वरूप वे असामाजिक होते चले जाते हैं।

           यदि हम नई पीढ़ी में सकारात्मकता का दर्शन करने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका सुनिश्चित करना चाहते हैं तो हमें फिर से संयुक्त परिवार व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में आगे कदम बढ़ाना ही होगा।





Trending News

#1
संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

#2
कोरवाडीह पंचायत के रोजगार सेवक को 5000 रुपये की घूस लेते एसीबी ने रंगे हाथ पकड़ा

location_on गढ़वा
access_time 23-Apr-25, 12:21 PM

#3
गढ़वा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई का गठन, कवि सम्मेलन में गूंजे राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार के स्वर

location_on गढ़वा
access_time 15-Apr-26, 03:50 PM

#4
देर रात लूट की वारदात का पुलिस ने किया खुलासा, तीन गिरफ्तार, दो फरार

location_on गढ़वा
access_time 13-Jun-25, 03:40 PM

#5
गढ़वा में अवैध हथियार के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार, दो देसी कट्टा बरामद

location_on गढ़वा
access_time 18-Jun-25, 03:42 PM


Latest News

गढ़वा में अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला इकाई का गठन, कवि सम्मेलन में गूंजे राष्ट्रभक्ति और सामाजिक सरोकार के स्वर

location_on गढ़वा
access_time 15-Apr-26, 03:50 PM

कला धरोहर यात्रा का दूसरा चरण संपन्न, शिव पहाड़ी गुफा तक पहुँचा कला जत्था

location_on गढ़वा
access_time 07-Apr-26, 10:56 AM

गढ़वा के परिहारा गाँव में साप्ताहिक श्रीहनुमान चालीसा पाठ का शुभारंभ, संस्कृति संरक्षण का लिया संकल्प

location_on गढ़वा
access_time 01-Apr-26, 11:29 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 02:27 PM

संगीत शिक्षक आनन्द कुमार चौबे को मिला उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान

location_on गढ़वा
access_time 30-Mar-26, 09:48 AM

विराट हिन्दू सम्मेलन में कला साधिका संध्या सुमन का शौर्य प्रदर्शन

location_on गढ़वा
access_time 15-Mar-26, 11:29 PM

पंडित हर्ष द्विवेदी कला मंच ने पूरे किए 21 वर्ष, 22वें वर्ष में प्रवेश — कला, संस्कृति और समाज सेवा का सतत अभियान जारी

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 06:58 PM

जिज्ञासा, तार्किक चिंतन और आत्मविशास को बढ़ाती हैं विज्ञान, कला और शिल्प प्रदर्शनी : अजय कुमार वर्मा

location_on गढ़वा
access_time 01-Feb-26, 10:51 AM

हनुमान जी की आराधना कलयुग में सबसे सरल और विशेष फलदायी है : डॉ. टी पीयूष

location_on गढ़वा
access_time 30-Dec-25, 09:58 PM

महर्षि वाल्मीकि और गोस्वामी तुलसीदास की परम्परा के वाहक थे रामानन्द सागर

location_on गढ़वा
access_time 30-Dec-25, 10:26 AM

o2osell.com का एप गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के लिए क्लिक करें।
Get it on Google Play