गढ़वा : गढ़वा थाना क्षेत्र के चिनियां रोड स्थित संत पॉल एकेडमी में एक छात्र द्वारा पिस्टल लाने के मामले में अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस घटना के बाद जहां अभिभावकों में आक्रोश है, वहीं पुलिस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि पिस्टल किसका था और यह कहां से आया। घटना के बाद पुलिस ने एक्शन लेने का संकेत जरूर दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है।
अभिभावकों ने इस घटना को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे अपने बच्चों को स्कूल पढ़ाई के लिए भेजते हैं, लेकिन जब बच्चे पिस्टल लेकर स्कूल पहुंच रहे हैं, तो उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजिमी है। इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी भी कटघरे में है, क्योंकि प्रारंभिक जांच से यह साफ हो गया है कि स्कूल ने मामले को दबाने की कोशिश की थी।
Advertisement
थाना प्रभारी बृज कुमार ने बताया कि संत पॉल एकेडमी में पिस्टल लाने के मामले की जांच की जा रही है। इस सिलसिले में स्कूल के प्रिंसिपल और छात्र के अभिभावकों से पूछताछ की गई है। पुलिस यह जांच कर रही है कि पिस्टल अवैध थी या लाइसेंसी। यदि पिस्टल अवैध निकली, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालय प्रबंधन पर लीपापोती का आरोप :
मामला तब और गंभीर हो गया जब यह खुलासा हुआ कि विद्यालय प्रबंधन ने पिस्टल को पुलिस को सौंपने के बजाय छात्र के अभिभावकों को वापस कर दिया। इससे यह साफ जाहिर होता है कि विद्यालय प्रबंधन ने मामले को दबाने का प्रयास किया।
उपायुक्त शेखर जमुवार के निर्देश पर जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा स्कूल का निरीक्षण किया गया।
Advertisement
जांच में यह पाया गया कि नवीं कक्षा का छात्र बैग में पिस्टल लेकर आया था। इसके बावजूद विद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और पुलिस को सूचित करने की बजाय पिस्टल अभिभावकों को लौटा दी। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इसे विद्यालय प्रबंधन की कर्तव्यहीनता बताया है और प्रबंधक अगस्टिन खेस और प्रधानाध्यापिका सिस्टर शांति के खिलाफ 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पूर्व में भी हुई थी लापरवाही :
यह पहली बार नहीं है जब संत पॉल एकेडमी में इस तरह की घटना सामने आई है। इससे पहले भी विद्यालय प्रशासन की लापरवाही के कारण एक छात्र की मौत हो गई थी। शिक्षक द्वारा छात्रों को गुरु सिंधु जलप्रपात ले जाया गया था, जहां एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।
Advertisement
इस मामले में भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अभिभावकों का कहना है कि अगर विद्यालय प्रबंधन जिम्मेदारी से काम करता तो ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता था। पुलिस और प्रशासन को इन मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।