डंडई : डंडई थाना क्षेत्र के जरही गांव निवासी 50 वर्षीय बच्चा भुइयां पिता बालकेसर भुइयां की थाना हिरासत में मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना पर पथराव कर दिया। इधर पुलिस ने भी भीड़ को तितर बितर करने के लिए जमकर लाठियां बरसाई एवं हवाई फायरिंग की।
पथराव से पूर्व ग्रामीण डंडई लवाही मुख्य सड़क को जाम कर थाना गेट के सामने धरने पर बैठ गए थे। थाना घेराव के दौरान भीड़ काफी आक्रोशित थी। सैकड़ों कि संख्या में पहुंचे ग्रामीण थाना परिसर के अंदर घुसने का प्रयास कर रहे थे। बवाल को देखते हुए थाना कर्मियों द्वारा किसी तरह मुख्य गेट को बंद कर दिया गया। तब जाकर ग्रामीण थाना गेट के सामने मुख्य सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, डंडई थाना पुलिस होश में आओ, बच्चा भुइयां को जिंदा वापस दो, थाना में पिटाई करना बंद करो, थाना में मनमानी नहीं चलेगी, पुलिस प्रशासन होश में आदि के नारे लगा रहे थे।
घटना के संबंध में बताया जाता है कि शुक्रवार 20 सितंबर को सुबह 7 बजे नशे कि हालत में बच्चा भुइयां द्वारा गांव के ही हीरा साव के 35 वर्षीय पुत्र धनंजय साव के पेट में चाकू से हमला कर दिया था। हमले के बाद धनंजय साव गंभीर रूप से घायल हो गया था। साथ ही धनंजय के बेहतर इलाज हेतु चिकत्सकों ने रांची रेफर कर दिया गया था। इसी बीच ग्रामीणों कि सूचना पर पहुंची डंडई पुलिस द्वारा बच्चा भुइयां को तत्काल गिरफ्तार कर थाना लाया गया था।
वहीं डंडई पुलिस के अनुसार चाकू मामले में किसी तरह कि आवेदन नहीं मिलने के बाद उसे छोड़ दिया गया था। पुनः हीरा साव द्वारा चाकू मामले में सोमवार को बच्चा भुइयां के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था। उसके बाद बच्चा भुइयां को सोमवार करीब 5.30 बजे गिरफ्तार कर थाना लाया गया था।
इसी दौरान थाना के बाल मित्र कक्ष के खिड़की में गमछा के सहारे उसका शव लटकता हुआ मिला। थाना प्रभारी ने इसकी सूचना अपने ऊपर के पदाधिकारी को दी। इसके बाद मजिस्ट्रेट की देखरेख में शव को खिड़की से उतार कर पोस्टमार्टम हेतु गढ़वा भेज दिया गया।
इधर परिजनों को जब इसकी सूचना मिली कि बच्चा भुइयां की थाना हिरासत में मौत हो गई है तो परिजन सहित जरही के ग्रामीण आक्रोशित होकर थाना पहुंच हंगामा करने लगे। देखते ही देखते आक्रोशित भीड़ पथराव करने लगी।
मामले में मृतक बच्चा भुइयां की पत्नी बसंती देवी, पुत्री पूजा देवी, पुत्र मंदिस कुमार भुइयां, छोटू कुमार भुइयां, परिजन सुखदायल भुइयां , रंजन कुमार, तेतर भुइयां, एस कुमार भुइयां, लगन भुइयां, रामनाथ कुमार, धंजू कुमार कुमार भुइयां, सुरेंद्र भुइयां अशोक भुइयां, कुंती देवी आदि ने बताया कि 20 सितंबर दिन शुक्रवार को सुबह करीब 7 बजे के आसपास बच्चा भुइयां नशे में जरही गांव निवासी धनंजय साव के पेट में चाकू घोंप दिया था।
चाकू से हमला करने के बाद बच्चा भुइयां वहीं पर बैठ गया। इसके बाद गांव वालों ने इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी थी तत्काल पुलिस पहुंचकर शुक्रवार 20 सितंबर को सुबह करीब 8 बजे चाकू हमले मामले में बच्चा भुइयां को गिरफ्तार कर थाना ले जाया गया था। गिरफ्तारी के बाद उसे चार दिन तक थाना में ही रखा गया। इसी दौरान थाना में उसे भरपेट खाना भी नहीं दिया गया एवं उसे बेरहमी से पीटा गया। जिससे उसकी मौत हो गई। बाद में पुलिस प्रशासन द्वारा थाना में फांसी लगाने की बात कही गई। साथ ही बिना किसी परिजन को सूचना दिए ही बिना इजाजत के पुलिस प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम हेतु शव को गढ़वा भेज दिया गया।
वहीं घटना का अनुसंधान करने पहुंचे एसडीपीओ नीरज कुमार ने बताया कि जरही निवासी हीरालाल साव द्वारा सोमवार को चाकू मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
इसी मामले में बच्चा भुइयां को सोमवार को करीब 5:30 बजे गिरफ्तार कर थाना लाया गया था और उसने थाना परिसर के बाल मित्र कक्ष में फांसी लगा लिया।
अब सवाल उठता है कि बच्चा भुइयां को इतने दिनों तक हिरासत में कैसे रखा गया। वहीं उसे हाजत में नहीं रखकर बाल मित्र कक्ष में क्यों रखा गया। हाजत में कोई चीज ले जाने कि मनाही है उसमें गमछा कैसे जाने दिया गया।
इस संबंध में थाना प्रभारी जनार्दन रावत का कहना है कि चाकू मामले में 20 सितंबर को बच्चा भुइयां को थाना लाया गया था लेकिन उसे छोड़ दिया गया था। फिर उसे सोमवार को गिरफ्तार किया गया था।