भवनाथपुर : राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के बैनर तले सोमवार को सेल द्वारा संचालित तुलसीदामर डोलोमाइट खदान के श्रमिकों और कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना और प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गढ़वा उपायुक्त को सौंपे गए पत्र के आलोक में आयोजित किया गया था, जिसमें खदान के बंद होने से प्रभावित श्रमिकों के मुद्दों को उठाया गया था।
धरना कार्यक्रम में इंटर के जिला अध्यक्ष सुशील चौबे ने मजदूरों को संबोधित करते हुए बताया कि गढ़वा अंतर्गत भवनाथपुर खदान समूह के तुलसीदामर डोलोमाइट खदान में विभिन्न प्रकार के कार्य श्रमिकों से कराए जाते थे। खदान में लगभग 730 श्रमिक ‘फॉर्म बी’ के तहत पंजीकृत हैं, जबकि शेष श्रमिक पिछले 30-35 वर्षों से गैर-पंजीकृत रूप से कार्य कर रहे हैं।
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16 फरवरी 2020 से खदान बंद होने के कारण लगभग 5000 से अधिक श्रमिक, जिनमें डोलोमाइट तोड़ने वाले मजदूर, डंपर लोडर मजदूर, डंपर ऑपरेटर, कंप्रेसर ऑपरेटर, ड्रिलिंग ऑपरेटर, हाईवा ऑपरेटर, खलासी, सुपरवाइजर और मुंशी शामिल हैं, बेरोजगारी और भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं।
मजदूर नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि विधानसभा चुनाव से पहले केंद्र और राज्य सरकार बंद पड़े तुलसीदामर डोलोमाइट खदान को पुनः चालू नहीं करती है, तो मजदूर और उनके परिवार चुनाव का बहिष्कार करेंगे और किसी भी पार्टी के पक्ष में वोट नहीं देंगे।
धरना कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस यूनियन के नेताओं ने अपनी आठ सूत्रीय मांग पत्र गढ़वा उपायुक्त के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी को सौंपा।
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इस अवसर पर प्रमुख मजदूर नेताओं में पांडेय प्रदीप कुमार शर्मा, नंदलाल पाठक, वीरेंद्र साह, पुनीत सिंह, शंभू पासवान, रामलखन पासवान, बबन पासवान आदि उपस्थित थे।
मजदूरों की यह मांग है कि खदान जल्द से जल्द पुनः चालू किया जाए, ताकि उनका और उनके परिवारों का जीवन फिर से सामान्य हो सके।