बड़गड़ : थाना क्षेत्र के कुटकु मंडल डैम में आई बाढ़ से कई गांव जलमग्न हो गया है। इस बाढ़ से विभिन्न गाँव के करीब 55 घर में डूब गया है। गांव के लोग पूरे परिवार एवं अपने मवेशियों को लेकर जंगलों और पहाड़ में चढ़ कर शरण लिए हुए हैं। प्रशासन द्वारा अभी तक किसी तरह की कोई राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। गांव के प्राथमिक विद्यालय भी जलमग्न हो गया है। विद्यालय में रखे सभी सामान डूब गया है। चार दिनों से हो रही लगातार बारिश से कुटकु मंडल डैम स्थित कोयल नदी का बाढ़ इतना बढ़ गया कि इस डैम के डूब क्षेत्र एडमाडो़, कुटकु उत्तर टोला कुटकु सन्या गांव के कुछ भाग जलमग्न हो गया है। गांव के लोग अपने बच्चों और सामानों को निकाल कर पर्वतों चट्टानों एवं जंगलों में शरण लिए हुए हैं।
इस बाढ़ में अभी तक किसी के मरने की खबर नहीं है। हालांकि कई मवेशियों को लोग घरों में ही छोड़ चुके हैं। इस मवेशियों की कोई अता पता नहीं चल पा रही है।
इन लोगों की बाढ़ में डूबा है घर :
कुटकु मंडल डैम में आई बाढ़ में जिन लोगों का घर डूब गया है उनमें एडमाडो गांव निवासी रामेश्वर सिंह, ननदेव सिंह, गणेश सिंह, संजय उरांव, शिव कुमार सिंह, कैलाश सिंह, शैलेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, वासुदेव उरांव, कूटकू गांव निवासी फागुन किसान, दिकू किसान, सुरेंद्र टोप्पो, सुले लकड़ा, भागीरथी भूईयाँ, रामधनी भूईयाँ, मानमती कुंवर, शांति खलखो, सुरेश मिस्त्री, अनिल कोरवा, प्रदीप मिंज और उत्तर टोला कुटकु निवासी विनेश भूईहर, राजेश भूईयाँ, बुधन भूईयाँ, छोटू भूईयाँ, भुनेशन किसान, लोधा किसान, संतोष सिंह, मैनी देवी, शिवनाथ सिंह, बबलू किसान सहित अन्य का नाम शामिल है।
डैम का कार्य करीब 30 वर्ष से अधूरा पड़ा है :
कूटकू मंडल डैम करीब तीस वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। जिस वर्ष अत्यधिक वर्षा होती है, उस वर्ष डूब क्षेत्र के कई गाँव जलमग्न हो जाती है। हालांकि कूटकू मंडल डैम के डुब क्षेत्र अन्तर्गत आने वाले लोगों का सरकार के द्वारा मुआवजा देकर विस्थापित कर दिया गया था। परंतु गांव के सभी लोगों के मुआवजा नहीं मिलने के कारण कुछ लोग गांव में ही रह रहे हैं। और मुआवजे की मांग पर पड़े हुए हैं। मुआवजा नहीं मिल पाने के कारण वह गांव छोड़कर बाहर नहीं जा पा रहे हैं। इसके पहले भी गांव में आई बाढ़ से कितने लोग कितने पशु के डूबने से मौत हो चुकी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 वर्ष पूर्व इस अधुरी योजना का शिलान्यास किया था :
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच वर्ष पहले इस अधूरे पड़े कूटकू मंडल डैम के कार्य को पूर्ण करने के लिए कार्य का ऑनलाइन उद्घाटन किया था।
उद्घाटन के बाद कार्य शुरू करने के लिए राशि भी आवंटित कर दी गई थी। परंतु अभी तक काम नहीं लग सका। अब तक यह परियोजना अधूरी के अधूरी पड़ी रह गई है। लोगों ने इस कार्य को शुरू करने के लिए बहुत प्रयास किया परंतु मंडल डैम का कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका।
लोगों के मुआवजा के लिए संघर्ष समिति निरंतर आंदोलन कर रही है :
कूटकू मंडल डैम के ग्रामीणों ने डूब क्षेत्र संघर्ष समिति नाम का एक कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी डुब क्षेत्र के लोगों की परेशानियों को दुर करने के लिए हमेशा मांग उठाती रही है। परंतु उनके मांग पर अभी तक सरकार द्वारा पूरा नहीं किया जा सका है। नतीजतन यहां के लोगों कोई सरकारी लाभ भी नहीं मिल पा रहा है। इस गांव में कोई भी विकास की योजना संचालित नहीं हो रही है।
दूसरी ओर यहां रह रहे लोगों का कोई काम नहीं मिलने के कारण लोगों के समक्ष भुखमरी की नौबत पहुंच जाती हैं। संघर्ष समिति यहां के लोगों की हक अधिकार और आवश्यक मुआवजा के लिए लड़ाई कर रही है। परंतु अभी तक मुआवजा और हक अधिकार दिलाने में यह समिति नाकाम रही है।