गढ़वा : जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बुधवार को जीपी प्लाजा स्थित एचडीएफसी के शाखा प्रबंधक को 45 दिनों के अंदर 30 हजार रुपये भुगतान का आदेश दिया है। यह फैसला आयोग के अध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय और सदस्य एकबाला कुमारी ने संयुक्त रूप से सुनाया है।
सदर थाना के पिपरा गांव निवासी बृजदेव विश्वकर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने बैंक से वर्ष 2013 में लोन पर एक मोटसाइकिल ली थी।
शिकायतकर्ता ने 2016 में लोन का अंतिम किस्त चुकता किया था। 29 मार्च 2014 से 31 दिसंबर 2015 तक 33 किस्त में लोन चुकता किया। वहीं बाकी तीन किस्त बैंक को 1649 रुपये का निर्गत तीन चेक के माध्यम से किया। इस तरह कुल 36 किस्तों में उसने कुल 59 हजार 364 रुपये का भुगतान किया।
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उसके बाद भी उसे एनओसी निर्गत नहीं किया गया। मोटरसाइकिल का लोन चुकता करने के बाद भी उनसे 19 हजार 191 रुपये और मांग की जा रही थी। बैंक के कर्मचारियों की ओर से बार-बार धमकी दी जा रही है कि मोटरसाइकिल जब्त कर लेंगे। साथ ही उसे प्रताड़ित और उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया। कई बार बैंक में जाकर विनती की पर उसे डांट फटकार कर भगा दिया जाता था। बैंक के रवैये से तंग आकर उसने आयोग में शिकायत दर्ज करायी। मामले में विभिन्न दस्तावेजों और साक्ष्य के आधार पर आयोग ने बैंक को
शिकायतकर्ता को एनओसी निर्गत करने के साथ 30 हजार भुगतान का निर्देश दिया है। उनमें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक क्षति के एवज में 25 हजार और मुकदमा खर्च के तौर पर 5000 रुपये शामिल है। आदेशित राशि का भुगतान ससमय नहीं करने पर 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देना होगा।