भवनाथपुर : भवनाथपुर प्रखंड में मनरेगा कर्मियों की मिलीभगत से मनरेगा योजना के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है।
मामला वनसानी पंचायत में आधा दर्जन निर्माणाधीन कूप निर्माण में सामने आया, जहां बगैर कूप में काम लगाये ही फर्जी मास्टर रोल के जरिये राशि की फर्जी निकासी किये जाने, तो वहीं काम कराने के बाद भी कमीशन को लेकर जेई द्वारा एमबी बुक नहीं किये जाने तथा काम कराने के बाद अधिक राशि की भुगतान कर दिया गया।
क्या है मामला :
आपको बता दें कि वनसानी पंचायत के केतवारू राम के खेत में स्वीकृत बिरसा संवर्धन कूप निर्माण में बगैर निर्माण कार्य शुरू किए बिना ही 14688 रुपये और दीनानाथ पाठक के खेत में स्वीकृत कूप निर्माण के नाम पर 9792 रुपये की फर्जी मास्टर रोल के जरिये सरकारी राशि की निकासी कर ली गई।
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वहीं संजय विश्वकर्मा के कूप निर्माण में महज 8-10 फीट खुदाई किये किये पर 75 हजार 786 रुपये जबकि संतोष राम के कूप निर्माण में 48 हजार 756 रुपये की निकासी कर ली गई। जबकि दूसरी तरफ राम अवध राम के 25 फीट तथा अशोक राम 25 फीट कूप खोदाई किये जाने के बाद भी बतौर पांच प्रतिशत कमीशन की मांग रोजगार सेवक और जेई द्वारा करके ब्लॉक का चक्कर कटवाया जा रहा है। जिससे लाभुक काफी परेशान हैं।
लाभुकों का दर्द :
जहां एक ओर बंसानी पंचायत में हीं बिना काम के हीं पैसे की निकासी हो रही है और कम काम के बावजूद ज्यादा भुगतान हो रहा है तो वहीं दूसरे ओर काम करने के बावजूद पैसे की भुगतान नही किया जा रहा है। लाभुक राम अवध राम ने बताया कि हमने अपने योजना राम अवध राम के खेत में बिरसा सिंचाई संवर्धन कूप निर्माण योजना में कूप को 25 फिट खुदाई कर लिए हैं।
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बावजूद जेई प्रविंद्र कुमार के द्वारा सिर्फ 34 हजार का ही बिल किया गया है। रोजगार सेवक तहमीद अंसारी द्वारा डिमांड नहीं लगाने दिया जाता है। जब भी डिमांड लगाने के लिए बोलते हैं तो रोजगार सेवक द्वारा बोला जाता है कि बाहर से जांच आया है, तो कभी अलग-अलग बहाना बनाते हुए डिमांड लगाने से रोक दिया जाता है। मैं पांच प्रतीशत ब्याजदर पर कर्जा लेकर कुआं खुदाई कर रहा हूं। बरसात का मौसम नजदीक है, अगर कुआं समय पर नही बांध पहूंगा तो नुकसान हो जाएगा।
वहीं अशोक राम के खेत में बिरसा सिंचाई संवर्धन कूप निर्माण योजना के लाभुक अशोक राम ने बताया कि मैं कुआं को 27 फिट तक खुदाई कर लिया हूं। जेई द्वारा एमबी करने के एवज में 5 प्रतिशत का मांग किया जा रहा है।
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नहीं देने पर एमबी बुक नही किया जा रहा है जिसके वजह से डिमांड नही लगाने दिया जा रहा है। गाय बकरी बेच कर, समूह लोन लेकर कुआं का खुदाई करा रहे हैं। अभी तक एक लाख रुपए खुदाई में मजदूरों को भुक्तान कर चुके हैं। कुआं स्वीकृत करने से पूर्व ही पंचायत सचिव अजित सिंह के द्वारा 20-20 हजार रूपए लेकर तो कुआं को स्वीकृत किया गया था। पैसे की भुगतान नहीं कराया गया तो कुआं को समय पर पूर्ण नही कर पाऊंगा जिस से आने वाले बरसात में नुकसान हो जाएगा।
क्या कहते हैं जेई :
इस संबंध में पूछे जाने पर जे ई प्रविंद्र कुमार ने बताया कि अशोक राम और राम अवध राम का बिल हम काम के अनुसार कर दिए हैं। पैसा मांगने का आरोप गलत है। संजय विश्वकर्मा और संतोष राम का एम बी मेरे पास नहीं आया है।
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भुगतान योजना में कैसे हुआ है मुझे जानकारी नहीं है।
क्या कहते हैं पंचायत सचिव :
तो वहीं पंचायत सचिव अजित सिंह ने बताया कि मेरे द्वारा कूप की स्वीकृति कराने के एवज में पैसा नहीं लिया गया, यह सब रोजगार सेवक और बीपीओ के मार्फ़त स्वीकृत कराया गया है। उन्होंने स्वीकारा की कूप स्वीकृति कराने में ब्लॉक में खर्च हुआ ही है।
क्या कहते हैं रोजगार सेवक :
वहीं रोजगार सेवके तहमिद अंसारी ने कहा कि लाभुक द्वारा लगाया जा रहा आरोप गलत है। हमने जितना का एमबी हुआ उसके अनुसार भुगतान किया है।