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खपरैल घर गिरने से बाल बाल बची बुजुर्ग महिला। छोटा सा था खपरैल का मकान वो भी खपरैल मकान का छत गया गिर। अब घर के लिए तरस रही बुजुर्ग महिला।

location_on स्वाँग access_time 14-Feb-21, 11:05 AM

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स्वाँग। गोमिया प्रखंड के अंतर्गत स्वांग दक्षिणी पंचायत स्थित न्यु माईनस स्वांग निवासी राजेश कुमार उर्फ पदरू का खपरैल मकान का छत अचानक शनिवार की अहले सुबह लगभग 5 बजे भरभरा कर गिड़ पड़ा। वहीं इस घटना के संबंध में राजेश ने कहा कि उसकी बहन,बहनोई और उसके बच्चे ठंड के कारण सुबह में घर के बाहर लगे अलाव को ताप रहे थे बुढ़ी माँ सोमारी देवी घर के पीछे आंगन में चुल्हा जला रही थी। तभी जोर से आवाज आया तो देखा कि उसके घर का छत गिर पड़ा है। राजेश ने बताया कि घटना से किसी को चोट नहीं लगा, मगर थोड़ी देर पहले बहन, बहनोई और बच्चा उसी रास्ते से निकलकर बाहर अलाव तापने के लिए गये थे। उन्होने कहा कि छत को मरम्मत कराने के लिए पैसा नहीं है। उधर लाॅकडाउन के कारण सारा काम छूट गया था, जिसके कारण आर्थिक स्थिति चरमरा गई है। पीएच (गुलाबी) कार्ड से आनाज मिलने के कारण राशन मिल जाता है जिससे भोजन चल जाता है। तत्काल वह दैनिक मजदूरी कर जीवन यापन कर जैसै तैसे गुजर बसर कर रहा है। बहुत मुश्किल से खपरैल मकान बनाकर रह रहा था। वार्ड सदस्य सविता देवी ने बताया कि पीएम आवास सूची में राजेश की माँ सोमारी देवी का नाम आया हुआ है। मगर उसके पास रैयती जमीन नहीं होने एवं सीसीएल भूमि रहने के कारण आवास बनाने की स्वीकृति नहीं मिल पा रही है।




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