place Current Pin : 822114
Loading...


गया जिला मुख्यालय से टिकारी अनुमंडल मुख्यालय तक रात्रि में परिवहन व्यवस्था बहाल हो ~ तारिक अनवर उर्फ़ मोहम्मद आजम आलम

location_on टिकारी, गया, बिहार access_time 17-Jan-21, 02:23 AM

👁 456 | toll 227



1 N/A star
Public

युवा राजद नेता सह समाजिक कार्यकर्ता तारिक अनवर उर्फ़ मोहम्मद आजम आलम ने टिकारी विधानसभा क्षेत्र से संबंधित एक जनहित के मामलों को संज्ञान में लेते हुए बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी, राज्य सरकार के मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार जी, परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी जी, परिवहन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल जी, एवं गया जिला पदाधिकारी श्री अभिषेक कुमार सिंह जी को उनके विभागीय आधिकारिक ई-मेल आईडी के द्वारा उनसे टिकारी अनुमंडल मुख्यालय से गया जिला मुख्यालय तक एवं गया जिला मुख्यालय से टिकारी अनुमंडल मुख्यालय तक लोगों को रात्रि आवागमन की सुविधा उपलब्ध करवाएं जाने के लिए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा रात्रि परिवहन व्यवस्था बहाल करवाएं जाने को लेकर ई-मेल के माध्यम से मांग की गई, उक्त मांग से संबन्धित समावश्यों के समाधान हेतु मामलों की जानकारी साझा किए जाने को लेकर उन्होंने ई-मेल द्वारा विभागीय अधिकारियों व मंत्री को पत्र भी लिखा। वहीं इसके आलावा उन्होंने यह भी बताया कि देश की आजादी के कई वर्षों के बीत जाने के बावजूद भी अबतक टिकारी का चाहमुखी विकास नहीं हो सका, और ना ही अबतक यहां से चुनाव जीतकर जाने वाले जनप्रतिनिधि द्वारा इस क्षेत्र की विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कोई ठोस कदम उठाए गए और ना ही कभी इस मामले पर उनका ध्यान जा पाया जबकि अब टिकारी नगर पंचायत से नगर परिषद् भी हो गया लेकिन फिर भी रात्रि में जिला मुख्यालय से अनुमंडल मुख्यालय तक लोगों को आवागमन करने के लिए इसकी सुविधा उपलब्ध नहीं हो सका। उन्होंने यह भी बताया कि टिकारी अनुमंडल का अभी बीते वर्ष के दिसंबर महीनों में ही 28 दिसंबर को इसका 26'वाँ स्थापना दिवस समारोह का कार्यक्रम अनुमंडल प्रशासन द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें उक्त कार्यक्रम में शामिल हुए टिकारी विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान क्षेत्रीय विधायक डॉक्टर अनिल कुमार द्वारा उक्त कार्यक्रम के अवसर पर कई घोषणाएं भी पूर्व के सभी नेताओं की तरह ही टिकारी के विकास कार्यों से संबंधित किए गए थे, लेकिन इस ओर अब तक उनका भी ध्यान नहीं जा पाया है, जिसे ना तो इस क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा/लोकसभा पहुंचने वाले नेताओं को इस मुद्दे पर उन्हें कोई चिंता सताती हैं और ना ही कभी उन्हें इस मामले पर उनका ध्यान जा पाता हैं जबकि चुनाव के दरमियान जनता से बड़े-बड़े वादे करते फिरते दिखाई दिए जाते हैं लेकिन वहीं चुनाव जीतकर विधानसभा/लोकसभा पहुंचने के बाद नेताओं को अक्सर अपने ही किए गए वादे को निभाने से कोसो दूर भागते हुए दिखाई दिए जाने लगते है। टिकारी अनुमंडल के 26 वर्ष पूर्ण हो जाने के बावजूद भी टिकारी के लोगों को अभी भी अनुमंडलीय स्तर पर मिलने वाली कई तरह कि सुविधाओं से उन्हें वंचित रहना पड़ रहा है, जबकि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में शहरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा राज्य के अलग-अलग जिले में बीते वर्ष के दिसंबर महीनों में ही कई और नए नगर पंचायत का गठन किए जाने को लेकर नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा कैबिनेट मीटिंग के माध्यम से इसका आदेश पारित किया गया हैं, इसके अलावा राज्य में पूर्व से गठित कई ऐसे नगर पंचायत को भी नगर परिषद् में स्थानांतरण किए जाने का भी आदेश पारित किए गए हैं, जिनमें हमारे टिकारी को भी शहरीकरण विस्तार करने को लेकर राज्य सरकार द्वारा हाल ही में टिकारी नगर पंचायत से इसे नगर परिषद् में स्थानांतरण कर दिया गया है, शहरीकरण विस्तार की ओर तो टिकारी का कदम बढ़ा दिए गए लेकिन रात्रि परिवहन व्यवस्था बहाल नहीं रहने के कारण इसका खामियाजा टिकारी के स्थानीय लोगों को कई वर्षों से भुगतना पड़ रहा हैं, इसलिए राज्य सरकार के परिवहन विभाग के सचिव श्री संजय कुमार अग्रवाल जी व परिवहन मंत्री श्रीमती शीला कुमारी जी से उन्होनें मांग किया है कि टिकारी के लोगों को गया जिला मुख्यालय से टिकारी अनुमंडल मुख्यालय तक आने-जाने के लिए फ़िलहाल में अभी गया से रात्रि 10 बजे तक व टिकारी से गया के लिए रात्रि 9 बजे तक कम से कम कई वर्षो पूर्व की तरह टिकारी अनुमंडल क्षेत्र के लोगों को आवागमन करने के लिए परिवहन की सुविधा मुहैया करवाया जाये, क्युकी आमतौर पर प्रायः यह देखा जाता है की वर्तमान में गया से टिकारी आने के लिए सरकारी बसे संध्या 6:00 बजे एवं प्राइवेट सेक्टर की बसे संध्या 8 - 8:30 pm बजे तक ही इनकी सुविद्या उपलब्ध है, जिसके कारण रात्रि 9 बजे के बाद टिकारी आने के लिए लोगो को काफी ज्यादा ही परेशानिया झेलनी पड़ती है, जिसके कारण लोग न चाहते हुए भी मज़बूरी में मुँह-माँगा रकम किरायाके रूप में दे कर या फिर निजी वाहन करके उन्हें आना-जाना पड़ता है, जबकि इस तरह की वाहन की मिलने और न मिलने की कोई गारंटी भी नहीं रहती है जिसके कारण लोगों को काफी ज्यादा ही जोखिम भरा परेशानियों का सामना करना पड़ता है, वाहन की सुविधा उपलब्ध नहीं रहने पर या तो उन्हें किसी तरह कोई निजी वाहन रिज़र्व कर भारी रकम अदा कर आना पड़ता है या तो फिर उन्हें रात्रि विश्राम के लिए गया जिला मुख्यालय में ही रेलवे स्टेशनों/बस पड़ाव परिसरों पर या फिर होटल में कमरा लेकर मजबूरन उन्हें रुकना पड़ता है, अभी वर्तमान में गया से टिकारी लौटने के लिए सरकारी वाहनों का परिचालन संध्या 6 बजे तक ही परिवहन व्यवस्था बहाल रहने के कारण इसके बाद किसी आपातकालीन स्थिति में आवागमन को लेकर भी लोगों को इसके लिए काफी ज्यादा ही परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं, जबकि प्राइवेट सेक्टर के परिवहन इस मजबूरी का फ़ायदा उठाते हुए लोगों से मुह मांगा किराया बसूली किए जाने का कार्य करते हैं, जिससे कि माध्यम वर्ग के लोगों पे सबसे ज्यादा इसका असर पड़ता हैं, टिकारी आने के लिए सबसे ज्यादा दिक्कत उनलोगों को भी होता है जो राज्य मुख्यालय पटना या इसके आस-पास से आ रहे होते है और अक्सर ही इन रूटों पे चलने वाली ट्रेनों अधिकांश लेट ही गया जंक्शन पहुँचती है जिसके कारन लोगो को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है जबकि जिला मुख्यलय से टिकारी अनुमंडल मुख्यालय की दुरी महज 22 किलोमीटर ही है। इस जनहित के जटिल मामलों को संज्ञान में लेते हुए इसका समाधान करवाएं जाने के लिए उन्होंने पूर्व में भी इस मामले को लेकर आवाज़ उठाए थे और उनके अर्थक प्रयास के कारण ही अपने कुछ राजद के परिचित विधायकों के माध्यम से संबंधित मामलों को लेकर बिहार विधानसभा के सत्र में भी इसकी आवाज़ बुलंद करवाएं थे। जिसके बाद इस जटिल मामलों पे कुछ पहल भी विभाग के द्वारा की गई थी, जिनमें गया जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय के पत्रांक संख्या - 2538 दिनांक ~ 21/12/2018 द्वारा प्रतिवेदित किया गया था कि प्रबंधक बिहार राज्य पथ परिवहन निगम गया के द्वारा इसकी व्यवस्था हेतु विचार-विमर्श किया गया हैं, जिसके बाद निर्णय लेते हुए प्रबंधक बिहार राज्य पथ परिवहन निगम गया के द्वारा राज्य सरकार को इस मार्ग पर रात्रि परिवहन व्यवस्था बहाल किए जाने को लेकर पत्र भी लिखा गया था, लेकिन विभाग द्वारा बाद में फिर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है जिसके कारण आज तक इस समावस्याओं का समाधान नहीं हो सका है, जिसे लेकर आज पुन्ना मैंने सम्बन्धित विभाग के मंत्री व अधिकरियों को पत्राचार किया हूं। इसके अलावा आप सभी को मैं यह भी बता दूं कि टिकारी विधानसभा क्षेत्र से संबंधित किसी भी तरह की कोई भी जनहित से जुड़े समावश्या का समाधान करवाएं जाने के लिए हमारा लड़ाई उक्त मामलों के लिए हमारे आख़री सांसे तक लगातार ज़ारी रहेगा। उन्होंने कहा के लोगों को सुविधा मिलनी ही चाहिए ये अधिकार है उनका।




Post News & Earn


गूगल प्ले से डाउनलोड करने के लिए यहाँ क्लिक करें। Get it on Google Play