बंशीधर नगर : सरकार के निरंतर कोशिश के बावजूद प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभुक मजदूरी का भुगतान कर पाने में अपने आप को असमर्थ महसूस कर रहे है। जबकि रोजगार सेवक व स्वयंसेवकों को उनकी मदद नहीं करना है। या तो स्वयंसेवक उनकी मदद नहीं करना चाहता है या फिर लाभुकों से मदद के बदले कोई मांग रख देता है। जिससे आवास के लाभुक न तो डिमांड कर पाता है ना ही भुगतान करा पाता है।
ऐसा ही कुछ नरही पंचायत के सिंहपुर व मर्चवार ग्राम के लाभुको के साथ हो रहा है। 10 में से 9 लाभुक सरकार द्वारा दिये जा रहे इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे है।
क्यों नहीं ले पा रहे है लाभुक इस सुविधा का लाभ :
आवास के लाभुक प्रखंड कार्यालय जाने को तैयार नहीं और स्वयंसेवक मदद करने को तैयार नहीं।
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अगर मदद करने को तैयार भी हो जाता है मनरेगा के 16000 मजदूरी में से लगभग उसे आधा मदद देने वाले को देना पड़ता है। किसी किसी मामले में तो पैसा मिलता ही नहीं, सब हजम हो जाता है। सिंहपुर ग्राम के शमा सेठ व स्व. सीता राम की पत्नी शकुंतला कुँवर ने बताया कि जब भी स्वयं सेवक से मजदूरी भुगतान की बात करते है तो आज - कल करते - करते महीनों बीत गया लेकिन आज तक मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका। कहते - कहते थक गए। अब कहना ही बंद कर दिया। जबकि मर्चवार ग्राम के अनिल प्रसाद ,शिव पूजन राम, अवधेश चौधरी, सोनू , संगीता देवी
ने बताया कि उन्होंने एक भी मनरेगा के द्वारा आवास मजदूरी का लाभ नहीं ले पाए। कारण पूछने पर संगीता देवी के पति सतीश साव ने बताया कि स्वयंसेवक द्वारा उन्हें बताया गया कि अब मनरेगा के द्वारा आवास में मजदूरी मिलता ही नहीं।
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इस लिए हम में से किसी ने डिमांड ही नहीं किया। सिंहपुर और मर्चवार ग्राम में 10 में से 9 लोगों ने इस सुविधा का लाभ ही नहीं लिया। एकाध ने लिया भी तो आधा अधूरा।
यूं कहे तो गलत नहीं होगा कि 90 प्रतिशत आवास लाभुक इस सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।