बिशुनपुरा : सरकार असहाय लोगों को समृद्ध बनाने के लिए विभिन्न तरह की योजना चला रही है। जिसके सहारे सभी लोगो को पक्का घर, राशन, पेंशन मिले एवं भूख से मौत जैसे मामले जड़ से खत्म हो। लेकिन निष्ठुर लोकतंत्र और लापरवाह जनप्रतिनिधि होने का खामियाजा आज भी कई लोग भुगत रहे हैं। इन्ही में से एक हैं पिपरीकला के दरबाहा टोला निवासी पोखराज बैठा एव उनकी पत्नी सहोदरी देवी। ये दम्पति की जिन्दगी आज भी पड़ोसियों के सहयोग एवं भीख मांग कर कट रही है। तथा आवास, पेंशन, राशन जैसे बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।
मालूम हो कि पिपरिकला पंचायत स्थित दरबाहा टोला निवासी पोखराज अपनी पत्नी के साथ जर्जर एक कमरा वाला मकान में रहते थे लेकिन पिछले सप्ताह हुई जोरदार बारिश से उनका मकान ध्वस्त हो गया एवं वह भी उसी मकान में दब गए थे।
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पड़ोसियों द्वारा मदद से निकाले जाने पर जान बची।जिसमे उसे हल्की चोट भी आई जिसका स्थानीय स्तर पर इलाज किया गया।फिलहाल यह दंपति उसी जगह पर झोपड़ी बनाकर जीवन बसर कर रहा है।
ग्रामीण बताते हैं कि मुखराज ने दो शादी की है।पहली पत्नी अपने लड़के के साथ अपनी मायके रहती है। जिसके कारण मुखराज अपनी दूसरी पत्नी सहोदरी देवी के साथ अकेले रहता है।