गढ़वा :
चौधरी जेनरल एंड लकवा हॉस्पिटल में हुआ 45 लोगों का स्वास्थ्य जाँच
चौधरी जेनरल एंड लकवा हॉस्पिटल, गढ़वा के परिसर में हृदय, मधुमेह, नस एवं लकवा रोग विशेषज्ञ डॉ पी के वर्मा ने लगभग 45 मरीजों को स्वास्थ्य जांच कर उचित परामर्श दिया। जिसमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, माइग्रेन, पैरालिसिस, साइटिका, गठिया, लम्बर एंड सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस, जोड़ों में दर्द, छाती में दर्द, नींद न आना, घबराहट, गैस्ट्राइटिस जैसी कई विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीज शामिल थे।

डॉ वर्मा ने कहा कि एक खास बीमारी बेल पाल्सी अर्थात फेशियल पैरालिसिस (लकवा के कारण चेहरा टेढ़ा होना) है जिसका खतरा ठंड में ज्यादा होता है। उच्च रक्तचाप, डायबिटीज के मरीजों और गर्भवती महिलाओं में बेल्स पाल्सी का जोखिम अधिक होता है।
परिवार में पहले से किसी को है तो अन्य सदस्यों को भी हो सकती है।

कई तरह के लकवा मरीज आते हैं जिसमें फेशियल पैरालिसिस आमतौर पर देखने को मिल जाता है, जिसमें मुँह टेढ़ा हो जाता है, मुँह नहीं खुलता है, आवाज लड़खड़ाने लगती है और कभी कभी तो आवाज बिल्कुल बंद हो जाती है। अगर सही समय पर यानी साढ़े चार घण्टों के अंदर इलाज शुरू हो जाये तो पूरी तरह ठीक हो जाती है। जैसे जैसे इलाज में देरी होगी ठीक होने में उतना ही ज्यादा समय लग जाता है। कभी कभी तो ठीक भी नहीं हो पाता है। फेशियल पैरालिसिस के अलावा सभी तरह के लकवा एवं नस सम्बंधित बीमारियों में फिजियोथैरेपी एवं पंचकर्म चिकित्सा पद्धति काफी लाभदायक हो रहा है। बीमारियों से बचने के लिए ठंड से बचने की जरूरत है, गर्म पानी एवं भोजन का सेवन करें, गर्म कपड़े पहने।
शरीर को वार्म-अप के लिए व्यायाम करना जरूरी है लेकिन मौसम को देखते हुए, क्योंकि उच्चरक्तचाप, हाईपोथोर्मिया, नस में संकुचन जैसी कई बीमारियों का कारण ठंड हो सकता है। वहीं हॉस्पिटल संस्थापक डॉ कुलदेव चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हूँ। जिला मुख्यालय में पंचकर्म एवं लकवा हॉस्पिटल खुलने से मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है। क्योंकि मरीजों को आवागमन में परेशानी न हो। आईसीयू, फिजियोथेरेपी, पंचकर्म जैसी सुविधा होने से लकवा के मरीज बहुत जल्द ठीक हो रहे हैं। मौके पर संजय दुबे, शिवकुमार दूदून, बिस्मिला अंसारी, फैयाज अंसारी, रिसेप्शनिस्ट रीना गुप्ता, लैब टेक्नीशियन अंजलि कुमारी, प्रियंका यादव, अमरजीत चौधरी आदि उपस्थित थे।