रमना : रमना प्रखंड स्थित भागोडीह सुपर पावर ग्रिड में लगे 150 एमभी पावर ट्रांसफार्मर से लगभग 39 हजार लीटर तेल की चोरी होने का मामला प्रकाश में आया है। जिसकी कीमत लगभग 45 लाख 98 हजार है। इस संबंध में जैक्सन कंपनी के प्रबंधक मनोरंजन बेहेरा द्वारा रमना थाना में आवेदन देकर अज्ञात लोगों पर तेल चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराया गया है। हालांकि दो गार्ड होने के बावजूद 39 हजार लीटर तेल की चोरी किसी को हजम नहीं हो रही है। सभी इसे एक बड़ा षडयंत्र मान रहे हैं।
मनोरंजन बेहेरा द्वारा थाना में दिये गये आवेदन में कहा गया है कि 220/132 केभीए ग्रिड सब स्टेशन भागोडीह में जुपिटर सेक्यूरीटी सर्विस द्वारा दो चौकिदार क्रमश: डंडई थाना के करके निवासी नागेंद्र यादव एवं सोनेहारा निवासी सतेंद्र यादव तथा स्टोर किपर उत्तर प्रदेश के चकभादशा निवासी अनिल कुमार भारती को निगरानी में रखा गया था।
इस ग्रिड में 150 एमभीए आटो ट्रांसफार्मर तेल भरा हुआ स्थापित किया गया था। लेकिन 220 केभीए लाइन के उपलब्ध नहीं होने के कारण उक्त स्टेशन को चार्ज नहीं किया गया था और न ही रेटेड वोल्टेज पर कमीशन किया गया था। जिसके बाद स्विच यार्ड उपकरण स्थापित करने के लिए हमने क्लाइंट के साथ सिस्टम की पूर्व जांच किया और 25 व 26 नवंबर 2019 एवं 14 दिसंबर 2019 को 33 केभी आपूर्ति के माध्यम से ट्रांसफार्मर के साथ फ्री चेक किया गया था। जिसके बाद 19 मार्च 2020 को 33 केभी, 132 केभी एवं 220 केभी स्विचयार्ड, 150 एमभीए ट्रांसफार्मर के साथ बाइपास कर आर एस इंफारा लिमिटेड एवं जेयूएसएनएल के उपस्थिति में लाइन चेक किया गया था।
आगे मनोरंजन बेहेरा ने कहा है कि जेयूएसएनएल के अनुसार 220 केभी फीडर लाइन जून 2020 के अंत तक पुरा होने वाला था।
जिसके कारण रेटेज वोल्टेज 220 केभी पर जीएसएस को सक्रिय करने के लिए सिस्टम संचालन की जांच करने का निर्देश दिया गया था। इसके मद्देनजर सिस्टम के सेहत के जांच के लिए अपनी टेस्टिंग एवं कमीशनिंग टीम की प्रतिनियुक्ति की थी। सिस्टम जांच के दौरान सिरीयल नंबर 5623/01 का ट्रांसफार्मर, ब्रेकर प्रोटेक्शन संचालित पाया और buchholz अलार्म, ट्रिप सिगनल, एमओजी सिगनल फील्ड से संबंधित रिले पैनल पर आ रहे थे। इसकेे बाद 22 जून 2020 को प्रबंंधक मनोरंजन बेहेरा द्वारा सत्यापन और निरीक्षण के दौरान ट्रांसफार्मर में कोई तेल नहीं पाया गया।
प्रबंधक द्वारा बाद में इसके जांच के लिए कंजर्वेटर टैंक पर तेल स्तर गेज, मुख्य टैंक पर गेज, मुख्य टैंक सैम्पल वाल्व, निस्पंदन वाल्व का क्रमश: जांच किया गया।
जिससे यह पता चला कि ट्रांसफार्मर टैंंक में कोई तेल नहीं है। जिसके बााद ट्रासफार्मर वाइंडिंग की सुरक्षा के लिए प्रबंधक द्वारा नाईट्रोजन गैस को मुख्य टैंक में प्रसारित किया गया। इसके बाद साईड वेरिफिकेशन के समय पाया कि लगभग पांच इंच तेल की परत आयल पम्प में पानी के साथ मिला हुआ है। जिसकी मात्रा लगभग पांच हजार लीटर तक हो सकती है। जबकि ट्रांसफार्मर की आयल क्षमता 43 हजार छ: सौ लीटर की है। चोरी हुए तेल की लागत लगभग 45 लाख 98 हजार है। आवेदन में प्रबंधक मनोरंजन बेहेरा ने इस चोरी के मामले उचित काररवाई की मांग किया है।
इस संबंध में थाना प्रभारी लालबिहारी प्रसाद ने कहा कि आवेदन के आलोक में 379 चोरी की प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है।
लेकिन कही से यह चोरी का मामला प्रतीत नही हो रहा है। इतनी मात्रा में तेल चोरी करना बाहरी लोगों के वश की बात नहीं है। जबकि दो गार्ड भी निगरानी में थे। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं यह एक बड़ा षडयंत्र लग रहा है। जिसकी जांच किया जा रहा है।