गढ़वा : गढ़वा जिले की लचर विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के बड़े - बड़े दावे किए जा रहे हैं।
मगर सरकार के इन दावों की पोल इससे से खुल जाती है कि सरकार गढ़वा जिले की बिजली की वितरण व्यवस्था में सुधार की जिम्मेवार दो बड़े अधिकारियों अधीक्षण अभियंता गढ़वा तथा महाप्रबंधक मुख्य अभियंता विद्युत आपूर्ति क्षेत्र मेदनीनगर का स्थानांतरण हुए 2 माह के करीब गुजर गए अगर अभी तक उनके स्थान पर यहां पदस्थापन नहीं किया गया है
ऐसे में स्वयं अंदाज लगाया जा सकता है कि भले ही सरकार के मंत्री से लेकर विद्युत विभाग के अधिकारी गढ़वा जिले की विद्युत आपूर्ति व्यवस्था में सुधार के बड़े - बड़े दावे कर ले मगर उक्त दोनों महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के स्थानांतरण को लेकर जो लापरवाही दिख रही है, उससे ऐसा नहीं लगता कि वास्तव में सरकार गढ़वा को हटिया ग्रिड से जोड़ कर यहां की विद्युत वितरण प्रणाली व्यवस्था में सुधार के प्रति सीरियस है।
इसका खामियाजा भी देखने को मिल चुका है क्योंकि 30 जून तक ही गढ़वा को हटिया ग्रिड से जोड़ कर 20 से 22 घंटे बिजली देने के दावे किए जा रहे थे। मगर निर्धारित समय के एक पखवारे बीतने के करीब है बावजूद हटिया ग्रिड से गढ़वा नहीं जुड़ पाया है।
विद्युत अधीक्षण अभियंता गढ़वा एवं महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंता विद्युत आपूर्ति क्षेत्र मेदीनीनगर का स्थानांतरण दिनांक 29/5/2020 को होने की बाद से आज तक विद्युत अधीक्षण अभियंता, गढ़वा एवं महाप्रबंधक मुख्य अभियंता विद्युत आपूर्ति क्षेत्र मेदिनीनगर का पद रिक्त पड़ा हुआ है। इनकी अनुपस्थिति में सरकार की जो भी योजना चल रही है, उसका कार्य प्रगति बहुत धीमी है। चूंकी विद्युत अधीक्षण अभियंता ही नोडल पदाधिकारी होते हैं।
साथ ही साथ अन्य अति आवश्यक कार्य जैसे जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलना एवं लाइन के मरम्मतीकरण का कार्य भी ठहर सा गया है। बावजूद बिजली सुधार के बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं।