गढ़वा : रॉयल्टी मदों में वेंडरों द्वारा उचित राजस्व की कटौती नहीं किए जाने का मामला संज्ञान में आने के बाद प्रशासन के सख्त तेवर देख वेडरों द्वारा आनन-फानन में मंगलवार तक रॉयल्टी का दो करोड़ रुपये खनन विभाग में जमा करा दिया गया जबकि रॉयल्टी का अभी भी करीब दो करोड़ रुपये विभिन्न वेंडर्स द्वारा खनन विभाग में जमा नहीं किया गया है। उपायुक्त हर्ष मंगला ने बताया कि पिछले दिनों जिला टास्क फोर्स की बैठक में यह संज्ञान में आया कि खनिज रॉयल्टी कई वेंडर्स अपने पास ही रख ले रहे हैं। इससे सरकार को लाखों रुपये राजस्व का नुकसान हो रहा हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे वेंडर्स को चिन्हित कर इनसे रॉयल्टी की राशि वसूली को ले अलग-अलग अधिकारियों की टोली बनाकर मंगलवार को वेंडर की दुकान का भौतिक निरीक्षण किया गया।
इसके तहत जिले के हर प्रखंड के तीन सबसे बड़े वेंडर्स जिनके द्वारा मनरेगा में सबसे ज्यादा राशि का विपत्र दिया गया था। उन सभी दुकानों का अलग-अलग बीडीओ के माध्यम से भौतिक सत्यापन कराया गया। इन्होंने कहा कि उक्त अधिकारियों से प्राप्त निरीक्षण टिप्पणी के आलोक में अग्रेत्तर निर्णय लिया जाएगा। साथ ही रॉयल्टी की राशि खनन विभाग में जमा नहीं करने वाले वेंडर्स के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।