रमना : कोरोना काल में अपनी जान दांव पर लगाकर लोगों के लिए काम करने वाले एक चिकित्सक को अपने दो महीने के मानदेय के लिए स्वास्थ विभाग के कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ रहा है। विभाग की उदासीनता के कारण चिकित्सक काफी निराश व परेशान हैं। रमना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित चिकित्सक डॉक्टर अरुण कुमार को मार्च व अप्रैल का वेतन भुगतान आज तक नहीं हुआ है। वैसे उनके खाते में दो महीने का एडवांस राशि पड़ा हुआ है। लेकिन विभागीय कार्रवाई के भय से उक्त चिकित्सक उस राशि को अपने खाते से नहीं निकाल रहे हैं। वह पिछले दो महीने से मार्च व अप्रैल का वेतन भुगतान के लिए मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी गढ़वा के कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
क्या है मामला : डॉ अरुण कुमार की पोस्टिंग कोरोना काल में कोविड अस्पताल मेराल में कर दिया गया था। इस दौरान उन्हें चार माह से वेतन भुगतान नहीं हुआ था। काफी दौड़-धूप के बाद विभाग द्वारा नवंबर 2019 से फरवरी 2020 तक का वेतन भुगतान किया गया। उस समय चार महीने की बजाए डॉक्टर अरुण को छह महीने का वेतन भुगतान कर दिया गया। मार्च में ही उन्हें मार्च व अप्रैल का एडवांस वेतन प्रदान कर दिया गया। अपने खाते में दो महीने का एडवांस वेतन आ जाने के बाद डॉ अरुण ने चेक के माध्यम से उस राशि को वापस भी कर दिया। लेकिन अभी तक विभाग द्वारा चेक डिपाजिट कर दो महीने के वेतन का एडवांस पैसा वापस नहीं लिया गया है। जिसके कारण अरुण को मार्च व अप्रैल का वेतन नहीं मिल पा रहा है।
डॉ अरुण ने विभाग के अधिकारियों को इस मामले में हस्तक्षेप कर मार्च व अप्रैल का वेतन भुगतान कराने का आग्रह किया है। मई का वह जून का वेतन भुगतान उनका हुआ है। दो महीने का वेतन भुगतान नहीं होने से उक्त चिकित्सक काफी निराश हैं।