बालू माफिया से डर रही है गढ़वा जिला प्रशासन,
प्रत्येक दिन 200 ट्रिप अवैध बालू नदी से उठा रहे बालू माफिया, प्रत्येक महीने एक करोड़ का हो रहा बालू का तस्करी,
राज्य सरकार का राजस्व एक पैसा नहीं
गढ़वा : गढवा जिला मुख्यालय से सटे हुए ऐसे चार बालू घाट है, जहाँ पर सिर्फ बालू माफियाओं का ही राज चलता है। न तो वहाँ प्रशासन जाती है और ना ही कोई प्रशासन के कर्मचारी। चार बालू घाट इस प्रकार है मेडना, लापो, गांगी, गरनहा है जो केवल बालू माफियाओं के ही इसारो पे ही चलता है। जिला प्रशासन से बेख़ौफ़ होकर अवैध बालू उठा रहे है।इन चारों बालू घाट एक ही रूट में है। और प्रत्येक दिन सुबह 4 बजे से रात्रि 9 बजे तक बालू की उठाई ट्रैक्टर से कराई जाती है।
जहाँ से बालू उठाते है उस रुट में प्रशासन की गाड़ी नही जा सकती है। बालू माफियाओं ने गढवा नदी का सारा रेत बेच दिए । और गढवा नदी का हाल बहुत खराब है। उसी प्रकार अब कोयल नदी का हाल होने वाला हैं कोयल नदी में इस प्रकार ट्रैक्टर लगा कर बालू की उठाई की जा रही है जैसे कि बालू नदी में से खत्म हो जाएगा। अगर ऐसा स्थिति रहा तो आने वाले कुछ वर्षों में नदी में बालू नाम के भी नही रहेगा। और इसका सारा जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी।
क्या कहते हैं बालू माफिया :- बालू माफिया का कहना है कि मैं इस गाँव के रहने वाला हुँ मेरा जमीन में है बालू इसलिए मैं उठता हूँ। हमलोगों कहाँ जाएंगे हमलोग तो मर रहे है। हम बालू उठाएंगे चाहे जो होगा हम देख लेंगे।
प्राइवेट बालू घाट पर 650 रुपया रॉयल्टी लगता हमलोग कहाँ दे पाएंगे उतना अगर हम दे भी देंगे तो हमको क्या बचेगा। इसलिए निःशुल्क हमलोग अपना घाट से बालू उठाते है कोई टैक्स नही देना है। प्रशासन आती है देखती है चली जाती है लेकिन प्रशासन कुछ नही कहती है।
गढवा प्रशासन:- उपायुक्त राजेश कुमार पाठक से ये बात पूछा गया कि आपके जिला मुख्यालय में ऐसा अवैध का काम हो रहा है तब उन्होंने वही बताया जो सारे अधिकारी बोलते है। ये मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है हम देखकर करवाई करेंगे। लेकिन डीसी महोदय आप कब करवाई कीजिएगा आप हमसे पहले ही जान रहे है पूर्व में भी कई बार न्यूज़ पेपर में लगा है लेकिन करवाई क्यो नही करते है।
राज्य सरकार बोलती है मेरा खजाना खाली है तो सरकार को पाता ही नही है कि यहाँ पे माफियाओं के साथ साथ खनन विभाग के अधिकारी भी अपना खजाना भरने में लगे हुए है।
उनका भर जाएगा तब न राज्य सरकार का खजाना भरा जाएगा। जहाँ पे 90 लाख करोड़ो रूपये की अवैध बालू की उठाओ हो रही है और सरकार का राजस्व एक पैसा भी जमा नही हो रहा है तो इसमें सबसे बड़ा लापरवाही जिला प्रशासन की है।