बंशीधर नगर : वन ग्राम समिति जंगीपुर के सदस्यों ने गुरुवार को आदिवासियों की भूमि से अबैध कब्जा हटाने, वनवासियों को वन पटा देने सहित 17 सूत्री मांगों को लेकर अंचल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया।
धरना को संबोधित करते हुए वन ग्राम समिति के अध्यक्ष चैतू उरांव ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण आदिवासियों का हक छीना जा रहा है। अधिकारी सामन्तो के संरक्षण में काम कर रहे हैं, यही कारण है कि गरीबो को उनका हक नही मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि 15 दिनों के अंदर हमारी मांगो को पूरा नही किया जाता है, तो हम वन ग्राम समिति के लोग आमरण अनशन पर बैठने को विवश होंगे, जिसकी सारी जिम्मेवारी प्रशासन की होगी।
भरदुल राम ने कहा कि झारखण्ड में हेमन्त सोरेन की सरकार बनने के बाद लगा था कि आदिवासियों को उनका हक मिलेगा।
लेकिन पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण आज भी आदिवासी परिवार अपने हक से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि वे आदिवासियों के हक व अधिकार की लड़ाई में उनके साथ है। धरना के अंत मे वन ग्राम समिति के अध्यक्ष चैतू उरांव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मंडल ने प्रभारी अंचलाधिकारी को 17 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
धरना में परदेशी उरांव, बालगोविन्द उरांव, राम प्रसाद उरांव, रमिया देवी, शांति देवी, सोनमती देवी, किशोर उरांव, सुरती देवी, जितनी देवी, रामदेव उरांव, अंजू देवी, सुशीला देवी, परिखन भुइयां, इंद्रदेव उरांव, देवा उरांव, मंगरी कुँवर सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
वन ग्राम समिति जंगीपुर के सदस्यों का क्या है मांग :-
वन ग्राम समिति जंगीपुर के सदस्यों ने सौपे माग के माध्यम से बताया कि 2019 में ग्रामसभा द्वारा अनुशंसित 115 आवेदकों को वन अधिकार अधिनियम 2006 व 2008 के तहत वन पटा देने, भोजपुर व झुमरी वन ग्राम समिति के वनवासियों का आवेदन स्वीकृत कर वन पटा उपलब्ध कराने, जंगीपुर के वन प्लॉट 3,4,5,व 6 का नाम तुलसी दामर कर दिया गया है, उसे सुधार करने, जंगीपुर के वन खाता 340 प्लॉट 3,4,5,व6 में डोलोमाइट का खजाना है, सरकार द्वारा जांच कराकर कार्य प्रारम्भ कराने, जंगीपुर वन खाता 340 का पूर्ण रकबा 542 एकड़ है, इसका सीमांकन कराकर चारदीवारी का निर्माण कराने, हाल सर्वे में दबंग हरि किशुन साव, मेवा साव, अशोक साव,विजय साव व सुगिया देवी द्वारा आदिवासियों का नाम हटवाकर अपना खतियान दर्ज करा लिया गया है, इसकी जांच कराने, जंगीपुर के आदिवासियों की भूमि खाता 71,72,76,80 व 102 पर दबंगो द्वारा चार दिवारी बनाया गया है, सी एन टी एक्ट की भूमि वापस कराने, स्थानीय विधायक भानु प्रताप शाही द्वारा आदिवासियों से गलत केवाला कराया गया है।
वह जमीन ईडी द्वारा सरकार के पास है।आदिवासियों के खतियान व ऑनलाइन कागजात देखकर एक एकड़ 84 डिसमिल भूमि वापस कराने सहित अन्य मांगे शामिल है।