बंशीधर नगर : पेट दर्द का इलाज करा रहे युवक की मौत के बाद परिजनों द्वारा चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाने का मामला प्रकाश में आने के बाद अनुमण्डल प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया तथा शुक्रवार को विलासपुर में अवैध रूप से संचालित जीवन धारा हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।
विगत दिनों सगमा प्रखंड के एक युवक के पेट दर्द की शिकायत पर इलाज के दौरान हुई मौत का मामला समाचार पत्रों में प्रकाशित होने के बाद शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से संचालित हॉस्पिटल को सील कर दिया।
अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सुचित्रा कुमारी के नेतृत्व में अस्पताल कर्मी अशफाक अहमद, संजय गुप्ता, नगर उंटारी थाना के प्रशिक्षु सह अवर निरीक्षक राहुल कुमार व पुलिस बल की उपस्थिति में अवैध रूप से संचालित जीवन धारा हॉस्पिटल को सील किया गया।
बताया जाता है कि कार्रवाई की सूचना मिलते ही अस्पताल संचालक कृष्णा कुमार गुप्ता हॉस्पिटल को बंद कर फरार हो गया था। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम वहाँ पहुंची तो हॉस्पिटल बंद पाया गया। अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सुचित्रा कुमारी ने दूरभाष के द्वारा अस्पताल के संचालक को कागजात के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया।
ज्ञात हो कि दो दिन पूर्व बिलासपुर ग्राम स्थित अवैध रूप से संचालित जीवन धारा हॉस्पिटल में सगमा प्रखंड के सोनडीहा ग्राम निवासी 30 वर्षीय युवक विजय भुइयां की मौत पेट दर्द की शिकायत के बाद इलाज के दौरान हो गई थी। मौत होने के बाद मृतक के परिजन ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
मामला प्रकाश में आने के बाद अनुमण्डल पदाधिकारी जयवर्द्धन कुमार ने भी मामले को संज्ञान में लेते हुए अवैध रूप से संचालित जीवन धारा हॉस्पिटल में हुई घटना की जांच को लेकर एक कमिटी गठित कर जांच का निर्देश दिया है।
गठित कमेटी में कार्यपालक दंडाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक को मामले का तीन दिनों के अंदर कार्रवाई कर जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ सुचित्रा कुमारी ने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद संचालित हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है। संचालक के उपस्थित नहीं होने पर दूरभाष से संपर्क कर कागजात दो घंटे के अंदर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जांचोपरांत संबंधित संचालक पर प्राथमिकी दर्ज किया जाएगा।