बंशीधर नगर : प्रखर समाजवादी चिंतक व प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी डॉ राममनोहर लोहिया की 111 वीं जयंती समारोह के अवसर पर भवनाथपुर मोड़ स्थित प्रतिमा स्थल के निकट उनके जीवनी पर राष्ट्रीय विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
समारोह के विशिष्ट अतिथि व मुख्य वक्ता डॉ राम मनोहर लोहिया रिसर्च फाउंडेशन नई दिल्ली के अध्यक्ष सह वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक रंजन सिंह ने कहा कि चुनावी राजनीति से समाज का उद्धार नही हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को डा राम मनोहर लोहिया समाजवाद का प्रयोगशाला मानते थे। उन्होंने कहा कि डॉ राममनोहर लोहिया चार वर्ष तक संसदीय राजनीति में रहे थे, लेकिन वे ऐसे शख्सियत थे कि हम सब आज भी उन्हें याद कर रहे है।
वे सड़क से संसद तक सभी वर्गों के लिए लड़ते थे। वे गैर कांग्रेसवाद के जनक थे।मुख्य अतिथि गांधीवादी अध्येता एवम लेखक मोहन सिंह ने कहा कि डॉ राममनोहर लोहिया उजाट गांधीवादी थे। वे गांधी के लेकर चलते थे।उन्होंने कहा कि डॉ लोहिया जब इस क्षेत्र में आये थे तो उस समय उन्होंने कहा था कि आनेवाले समय मे यह स्विट्जरलैंड होगा। उन्होंने कहा कि डॉ लोहिया गैर कांग्रेसवाद के जनक थे। उस समय लोग कांग्रेस के शासन से ऊब चुके थे। जिसके कारण 1967 में देश के नौ राज्यो में गैर कांग्रेस संविद की सरकार बनी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले संसद में उन्होंने दाम बांधो का नारा दिया था।
जयंती समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री सह भाजपा नेता गिरिनाथ सिंह ने कहा कि डॉ राम मनोहर लोहिया विषमता के खिलाफ सड़क से संसद तक आवाज उठाते थे।
वे आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है उनके विचारों को आगे बढ़ाने की।
भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अलख नाथ पांडेय ने कहा कि आजादी के बाद लोग विचार से जाने जाते थे, लेकिन आज कौन किस विचार का है, पता ही नही चलता। उन्होंने कहा कि इस समारोह में उपस्थित लोग सुनकर नहीं कुछ सीख कर जाये।
जयंती समारोह को भाजपा के वरिष्ठ नेता शिक्षाविद शारदा महेश प्रताप देव, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रघुराज पांडेय, मो0 नईम खलीफा, विनय चौबे, अनिल चौबे, सूरज गुप्ता, कमलेश्वर पांडेय सहित अन्य ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्वमंत्री रामचन्द्र केशरी के अध्यक्षीय भाषण से किया गया। कार्यक्रम की सफलता के लिए उन्होंने उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
विचारगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर व शहीदे आजम भगत सिंह के चित्र पुष्प अर्पित कर किया गया। विजय कुमार केशरी ने विषय प्रवेश कराया। इसके बाद वरिष्ठ समाजवादी विचारक नारायण ने वाराणसी से ही दूरभाष पर कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन सीताराम जायसवाल ने किया।