रमना : पारा शिक्षक सेवा शर्त नियमावली को पारित कर स्थायीकरण व वेतनमान देने की मांग को लेकर चल रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत पारा शिक्षकों ने सोमवार को काला बिल्ला लगाकर विद्यालय में कार्य को किया। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर इस विरोध प्रदर्शन के दौरान मध्य विद्यालय टंडवा, भागोडीह, बुलका, परसवान, कर्णपुरा, प्राथमिक विद्यालय छपरदागा, करचा, बारपानी, झंगईया, धवरवादामर गम्हरिया एवं गडवा टोला बुलका आदि विद्यालयों के पारा शिक्षकों ने वादा पूरा करो, हेमंत सरकार का बैच काला पट्टी के साथ लगाया।
इस अवसर पर पारा शिक्षक संघ के प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि स्थायीकरण व वेतनमान देने की मांग को लेकर किये जा रहे चरणबद्ध आंदोलन के तहत 22 मार्च से पारा शिक्षक काला बिल्ला लगाकर विद्यालय में कार्य करेंगे।
काला बिल्ला लगाकर यह आंदोलन 15 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद भी सरकार द्वारा पारा शिक्षकों के स्थायीकरण व वेतनमान का नियमावली को कैबिनेट में पारित नहीं किया जाता है, तो 16 अप्रैल को मुख्यमंत्री आवास घेराव किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस बार पारा शिक्षक स्थायीकरण व वेतनमान लेने के मांग पर चट्टानी एकता के साथ अडिग हैं। इसके लिए उग्र आंदोलन की आवश्यकता पड़ी, तो वह भी किया जायेगा।
सचिव डा.राहुल टंडवाल ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान हेमंत सोरेन ने हर चुनावी सभा में सरकार बनने के बाद तीन माह के अंदर पारा शिक्षकों का स्थायीकरण व वेतनमान देने का वादा किया था। जिसके कारण हेमंत की सरकार बनाने में पारा शिक्षकों ने दिन रात एक कर दिया।
लेकिन सरकार बनने के बाद हेमंत सोरेन अपने वादा को पुरा नही कर रही है। जिसके कारण मजबूर होकर पारा शिक्षकों को आंदोलनात्मक रूख अपनाना पड़ रहा है।
वहीं उपाध्यक्ष प्रताप कुमार यादव ने कहा कि सत्ता में आने के लिए हेमंत सरकार ने केवल पारा शिक्षकों का इस्तेमाल कर उनके साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि पारा शिक्षक कभी आंदोलन नहीं करना चाहते। लेकिन झारखंड के सभी सरकारों ने पारा शिक्षकों को केवल छलने का कार्य किया है। जिसके कारण पारा शिक्षकों को मजबुर होकर आंदोलन करना पड़ता है।
मौके पर संगठन मंत्री नरेंद्र ठाकुर, खुर्शीद आलम, राहुल गौतम, सुरेन्द्र मेहता, विरेंद्र मेहता, उदय ठाकुर, शिवकुमार राम, जयप्रकाश गुप्ता, चंद्रप्रकाश गुप्ता एवं आनंददेव यादव सहित कई पारा शिक्षक उपस्थित थे।