नूतन टीवी स्पेशल
बड़गड : भण्डरिया थाना क्षेत्र अन्तर्गत बड़गड़ से सटे गोठानी गांव में शनिवार को डायन बिसाही को लेकर भारी तनाव उत्पन्न हो गया हालत यह थी कि समय रहते यदि मौके पर पुलिस नहीं पहुंची होती तो यहां कई लोगों की जानें जा सकती थी। इस पूरे फसाद के पीछे रमकंडा थाना के बारवा गांव का लुकस कुजूर नामक पादरी है जो इस गांव में झाड़-फूंक करने पहुंचा था
दरअसल इस गांव में 13 से 15 वर्षीय 3 किशोरी पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। लिहाजा बीमार लड़कियों के परिवार वालों ने लुकस कुजूर नामक पादरी से संपर्क किया। शनिवार को दिन में ही पादरी गांव में पहुंचा तथा उसने दावा किया की लड़कियों को मैं, इन्हें डायन करने वाली महिला को टच करा कर ठीक करवा दूंगा, पादरी के बहकावे में गांव वाले आ गए तथा उसने झाड़-फूंक जैसे ही शुरू किया तीनों लड़कियां विचित्र जैसी शारीरिक हरकत करने लगी तथा गांव की ही शानपति लकड़ी नामकी महिला को टच कर उसे पादरी की योजना के अनुसार डायन चिन्हित कर कर दिया गया।
फिर क्या था लड़की के परिवार वाले तथा गांव वाले उक्त महिला को डायन बताकर उसके घर पर धावा बोल दिया। हालत ऐसी थी कि गांव वाले उसे मरने मारने को तैयार थे। शुक्र रहा कि इसकी भनक पुलिस को लगी और फौरन वहां बड़गड पिकेट की पुलिस पहुंची। मगर गांव में उत्पन्न तनाव इतना बढ़ गया की बड़गड पुलिस खुद को असहाय महसूस करने लगी। तत्काल भंडरिया पुलिस को सूचना देकर बुलाया गया थाना प्रभारी भंडरिया ने खुद मोर्चा संभाली शनिवार की रात्री में गोठानी गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुये ग्रामीणों को शांत कराने के लिये देर रात तक पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा के दृष्टिकोण ने शानपती लकडा़ को पुलिस अपने साथ लेते गयी।
इधर रविवार को भण्डरिया इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी कृष्णा कुमार ने गोठानी गांव में ग्रामीणों के साथ एक बैठक आयोजित कर लोगों को डायन बिसाही व अंधविश्वास में नहीं पड़ने की नसीहत दिया।
उन्होने कहा की गांव में अमन चैन व भाईचारे के साथ रहें। भुत प्रेत पर विश्वास न करें । यह पुरी तरह से झुठ व गैरकानूनी है। उन्होने लोगों से शांति बनाये रखने की अपिल की। बैठक की समाप्ति के बाद तीनों बिमार किशोरी को परसवार मुखिया ललिता बाखला के संरक्षण में इलाज हेतु भण्डरिया रेफरल अस्पताल ले जाया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
इस मौके पर उपरोक्त लोगों के अलावे बीडीसी विजय आनंद मिंज, आमोश मिंज आदी सहित काफी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे।