केतार : प्रखंड के पाचाडुमर पंचायत सचिवालय में मंगलवार को 10 बजे से एक बजे तक प्रधानमंत्री आवास के लाभुक मनरेगा से मजदूरी हेतु खूब बवाल मचाया। पाचाडुमर पंचायत के आवास लाभुक सनिता देवी, रंभा देवी, प्रभा कुंवर, सुनीता देवी, लीलावती देवी, वीरेंद्र प्रसाद, शिव सहाय प्रसाद, संतोष कमलापुरी, जगरनाथ साह सहित दर्जनों लाभुक पंचायत सचिवालय में एक सप्ताह से आवास का मजदूरी भुगतान हेतु भटक रहे हैं। सभी ने बताया की डिमांड कराने एवं मास्टर रौल लेने के लिए रोजगार सेवक आलोक तिवारी के पास पंचायत सचिवालय में जाते है। परंतु पंचायत सचिवालय में रोजगार सेवक से मुलाकात नही होता है। जिससे लोगो में काफी आक्रोश देखने को मिला। लाभुक ने रोजगार सेवक पर आरोप लगाते हुए कहे कि कभी कभार रोजगार सेवक आलोक तिवारी से मुलाकात होता भी है तो रोजगार सेवक के द्वारा समय टाला जाता है, साथ ही बोला जाता है कि अभी समय नही है,बाद में आइएगा।
लाभुको के द्वारा एक सप्ताह तक पंचायत सचिवालय का चक्कर काटा जाता है फिर भी उनका कार्य नही हो पाता है। लाभुको ने बताया कि पंचायत सचिवालय में एक माह पहले से मुखिया द्वारा नियुक्त ऑपरेटर के द्वारा मनरेगा कार्य ठीक ढंग संपादित किया जाता था। परंतु रोजगार सेवक के मनमानी से ऑपरेटर को हटा दिया गया। जिससे पंचायत में मनरेगा का कार्य लंबित है। हम सभी लाभुक प्रतिदिन डिमांड का फार्म लेकर रोजगार सेवक इंतजार कर निराश होकर लौट जाते हैं।
पाचाडुमर पंचायत के अगरिया टोले के लाभुक लाल बहादुर अगरिया व कैलाश अगरिया ने बताया कि आजादी के बाद पहली बार मुखिया अलका देवी के द्वारा सुकन राम के घर आए पीपल गाछ तक मिट्टी मोरम पथ निर्माण की स्वीकृति दो माह पहले दी गई थी।
जिसका शिलान्यास भी मुखिया के द्वारा किया गया था। लाभुक ने पथ कार्य को अंजाम तक पहुचाया तो मनरेगा मजदूरी का भुगतान कराने हेतु रोजगार सेवक आलोक तिवारी के पास लगातार दो माह से चक्कर लगाते रहे।परंतु कुछ दिन बाद रोजगार सेवक के द्वारा दस हजार रुपए की मांग की गई।साथ ही लाभुक ने बताया कि पैसा नही देने पर पेमेंट नही कराने की बात कही गई।जिससे हम सभी मजदूरों का पेमेंट बाकी है।
रोजगार सेवक आलोक तिवारी ने बताया कि शुक्रवार और मंगलवार को छोड़कर शेष दिन पंचायत कार्यालय आने का काम करता हूं।वही सड़क मामले में उन्होंने बताया की सड़क में दस हजार रु की मांग मेरे द्वारा नही किया गया है।वह सड़क संजय कुमार सिंह के आपत्ति पर रोक लगी है।
अंचल से सीमांकन के बाद ही सड़क का मजदूरी भुगतान की जाएगी।
आवास की मजदूरी भुगतान के मामले में उन्होंने बताया कि रोजगार सेवक पंचायत सचिवालय में नही आने के कारण अभी मनरेगा कार्य लंबित चल रहा है।वही लाभुक लगातार पंचायत सचिवालय में रोजगार सेवक की आने की इंतजार करते रहते है।सड़क वाला मामला में उन्होंने बताया कि यह रोजगार सेवक का मामला है।उन्ही के वजह से भुगतान नही हो रहा है।
इस मामले में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी नितेश भाष्कर ने बताया कि किसी भी आवास लाभुक को मनरेगा भुगतान में परेशानी होता है।तो सीधे प्रखण्ड कार्यालय में आकर प्रखण्ड कोडीनेटर आवास एवं संबंधित कर्मी से शिकायत करे।
सड़क मामला में उन्होंने बताया कि रोजगार सेवक आलोक तिवारी के द्वारा पैसा लेने की मामला की जानकारी पहले से नही थी।
अगर ऐसा है तो मामले की जांचकर आवश्य करवाई की जाएगी।साथ ही उन्होंने सभी लोगो से अपील किए है कि किसी भी सरकारी कार्य के एवज में कोई भी कर्मी अगर पैसा की मांग करता है, तो सीधे प्रखंड कार्यालय में आकर मुझसे शिकायत करे।