भंडरिया : भंडरिया कुटकू मंडल डैम डूब क्षेत्र के 14 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने महापंचायत का आयोजन कर कहा कि जब तक सभी विस्थापित लोगों का वन टाइम स्पेशल पैकेज नहीं मिलता है, तब तक मंडल डैम में काम नहीं करने दिया जाएगा। डूब क्षेत्र के हजारों की संख्या में लोगों ने 8 मार्च को डैम के कार्य को बंद करा दिया था। वेप कोस कंपनी द्वारा 1 सप्ताह पूर्व मंडल डैम के स्टेज -2 का कार्य प्रारंभ कर दिया था।
इस इसकी जानकारी देते हुए कुटकु डूब क्षेत्र संघर्ष समिति पलामू प्रमंडल के अध्यक्ष प्रताप तिर्की ने कहा कि भारत सरकार द्वारा मंडल डैम के विस्थापितों को वन टाइम स्पेशल पैकेज देने का आदेश दिया गया था, परंतु उक्त आदेश का अवहेलना करते हुए वेप कोस कंपनी द्वारा मनमाने ढंग से डैम में काम लगा दिया गया था।
जिससे ग्रामीणों ने बंद करा दिया है।
मालुम हो की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 5 जनवरी 2020 को यह डैम का शिलान्यास किया गया था। विस्थापित लोगों का कहना है कि 14 गांव के अलावा 7 और गांव जो डूब क्षेत्र से बाहर रखा गया है। उन गांव के रैयतों को जमीन की रसीद नहीं कटता, उनके खतियान नहीं बन जाता, तब तक उसे डूब क्षेत्र से बाहर रखा गया यह कैसे लोग जानेंग। इस सभी मामले को लेकर डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के लोगों ने लातेहार उपायुक्त से मिला था।
संघर्ष समिति के पहल पर लातेहार उपायुक्त, गढ़वा उपायुक्त, वन विभाग के पदाधिकारी, बरवाडीह बीडीओ वेप कोस कंपनी के चीफ इंजीनियर के साथ ग्रामीणों के साथ बैठक किया जाना था। परंतु यह बैठक नहीं हुई।
बरवाडीह बीडीओ ने फोन कर समिति को बताया कि भारत सरकार का द्वारा विस्थापित लोगों के मुआवजा देने संबंधी आदेश प्राप्त हो गया है। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही उक्त पदाधिकारियों और कंपनी के इंजीनियर द्वारा डूब क्षेत्र के लोगों के बीच विस्थापितों की मांगों को लेकर विचार-विमर्श की जाएगी।
इस मौके पर डूब क्षेत्र संघर्ष समिति के राजेश प्रसाद, मुनेश्वर सिंह,पीतरूस मींज, संजीत मिंज, अरुण नगेसिया, बसंत सिंह, मदन यादव सहित 14 गांव के डेढ़ हजार लोग उपस्थित थे।