भवनाथपुर : कहते हैं कि अगर हौसला बुलन्द हो तो गरीबी व संसाधन आड़े नही आते। यही काम कर दिखाया है, एक गरीब मजदूर मेहनतकश किसान अरसली उतरी पँचायत के झुमरी टोला निवासी बैकुंठ राम की दो बिटिया पूर्णिमा व पूजा ने। दोनों बहनों का रांची सरकारी एग्रीकल्चर कालेज में दाखिला मिला है। इसमें सरकार के नारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भी चरितार्थ हो रहा है।
बताते चलें कि बैकुंठ राम एक हरिजन गरीब परिवार से आता है। जो मेहनत मजदूरी का कार्य करता है, परंतु अपनी सारी कमाई उसने अपने तीन पुत्रियों व एक पुत्र के ऊपर पढ़ाई में खर्च किया। जिसका नतीजा रहा कि बड़ी लड़की पूर्णिमा कुमारी का अभी चाईबासा हार्टिकल्चर कालेज में जेसीईसीईबी के परीक्षा में 70 प्रतिशत अंक लाकर नामंकन मिला है।
पूर्णिमा मैट्रिक में शिशु विद्या मंदिर टाउनशिप से पढ़ाई के जिसमे 84 प्रतिशत अंक लायी थी, जबकि 12 वीं आरके प्लस टू विद्यालय भवनाथपुर में 60 प्रतिशत अंक लाई थी।
वहीं उसकी छोटी बहन पूजा कुमारी का तिलक मांझी एग्रीकल्चर कॉलेज गोडा में एडमिशन मिला है। पूजा की पढ़ाई भी मैट्रिक शिशु विद्या मंदिर टाउनशिप से हुई है, जिसमें उसने 88 प्रतिशत अंक लाई। जबकि 12 वीं आरके प्लस टू भवनाथपुर में 72 प्रतिशत अंक लाई थी और अभी एग्रीकल्चर के एंट्रेंस में 90 प्रतिशत अंक लाई थी।
यहाँ यह बताते चले की बैकुंठ राम की शिक्षा मैट्रिक तक व उसकी पत्नी उषा देवी ननमीट्रिक तक शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद दोनों पति-पत्नी जी तोड़ मेहनत कर अपने तीनो बेटियों व बेटा की पढ़ाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा है।
पूर्णिमा व पूजा ने अपने पढ़ाई का सारा श्रेय अपने माता पिता व गुरुजनों को बताया आगे चलकर दोनों बहने देश के किसानों को समृद्धि बनाने के लिए जी तोड़ मेहनत करने के लिए बताया।