गढ़वा : यक्ष्मा केन्द्र के सभागार में सदर प्रखंड की सहियाओं को शुक्रवार यक्ष्मा से संबंधित आधारभूत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में समान्य टीबी और एमडीआर टीबी से संबंधित जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में सहियाओं को बताया किया कि टीबी मरीजों को नियमित रूप से दवा प्राप्त कर मरीजों तक पहुचाएं और सही समय पर फ्लोवप जांच करे।
यक्ष्मा नियंत्रण के चिकित्सा पदाधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि नियमित दवा खाने से समान्य टीबी एमडीआर टीबी में परिवर्तित होने का खतरा बढ़ जाता है। एमडीआर टीबी को रोकना चुनौती पूर्ण है। यक्ष्मा समन्वयक डॉ पुरूषेश्वर मिश्रा ने बताया कि एमडीआर टीबी का पता लगाने के लिए जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में ट्रूनेट मशीन लगाया गया है।
उससे एक बार में कोरोना और एमडीआर टीबी का पता लगाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कोरोना और टीबी का लक्ष्ण समान्य है। ट्रूनेट मशीन लगने से अब मरीजों के खखार का नमूना गढ़वा नहीं लाना पड़ेगा और समय से उनका जांच स्थानीय स्तर पर हो जाएगा। मौके पर यक्ष्म विभाग के जितेन्द्र कुमार सहित प्रखंड के सहिया उपस्थित थी।