गढ़वा : झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा गढ़वा जिला के तत्वावधान में कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन के माध्यम से रांची में 1 मार्च को आहूत सभी विधायकों का घेराव कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भाग लेने का निर्णय लिया गया।
झारखंड आंदोलनकारियों ने वर्तमान सरकार से मांग की है कि झारखंड आंदोलनकारियों को जीवित रहते हैं, मान-सम्मान पहचान अस्तित्व की रक्षा नियोजन एवं पेंशन देने का काम करें। गढ़वा जिला में 20 झारखंड आंदोलनकारियों के निधन पर शोक व्यक्त किया गया एवं उनकी आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण किया गया।
कार कार्यक्रम में बात और मुख्य अतिथि के रुप में
झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक एवं प्रवक्ता पुष्कर महतो ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड आंदोलनकारियों के मान सम्मान पहचान के लिए राज् धर्म का निर्वाह करें।
झारखंड आंदोलनकारियों के त्याग संघर्ष एवं बलिदान के बल पर झारखंड अलग राज्य के निर्माण हुआ है। अलग राज के संघर्ष में महत्ती भूमिका अदा की है। इसलिए राज्य सरकार झारखंड के एक-एक आंदोलनकारियों को मान-सम्मान पहचान देकर उनका नाम गजट में प्रकाशित करें। ढिशुम गुरु शिबू सोरेन से लेकर झारखंड आंदोलनकारियों के मसीहा मथुरा प्रसाद महतो को भी शीघ्र चिन्हित कर मान सम्मान दें एवं उनका नाम भी गजट में प्रकाशित करें।
केंद्रीय सचिव राशिद खान ने कहा कि झारखंड के संघर्ष को गतिमान बनाने वाले झारखंड आंदोलनकारी हवाई चप्पल पर चलकर आज किसी को मंत्री और मुख्यमंत्री बनाने का काम किया है इसलिए सत्ता में बैठे लोग हवाई चप्पल वाले झारखंड आंदोलनकारियों को मान-सम्मान पहचान पेंशन और नियोजन देने का काम समय रहते करें।
मौके पर झारखंड आंदोलनकारी वीरेंद्र ठाकुर ने लोगों से 1 मार्च सभी विधायक के घेराव कार्यक्रम में भाग लेने हेतु आह्वान किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड आंदोलनकारी एवं झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के गढ़वा जिला संयोजक आनंद मोहन तिवारी एवं संचालन झारखंड आंदोलनकारी गोपाल प्रसाद गुप्ता ने किया।
इस कार्यक्रम में रामनाथ मेहता, डॉ विनोद द्विवेदी अनुजय गुप्ता, शिव नारायण सिंह, प्रेम दीवाना, बनारसी ठाकुर, महेंद्र कुशवाहा, प्रदीप कुशवाहा, मनीष पाठक, सुषमा पाठक सहित अन्य उपस्थित थे।