गढ़वा : गढ़वा प्रखंड के अंचला नावाडीह गांव में मुस्लिम समुदाय के लोगों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में कब्रिस्तान से होकर बनने वाली बाईपास सड़क निर्माण को लेकर विस्तार पूर्वक विचार विमर्श की गई। इस अवसर पर लोगों ने कहा कि वे लोग जान दे देंगे लेकिन कब्रिस्तान के बीचो बीच बाईपास सड़क का निर्माण नहीं होने देंगे।
बैठक को संबोधित करते हुए हाजी जउवाद अंसारी ने कहा कि अंचला अंजुमन कमेटी के तत्वावधान में कब्रिस्तान के बीचो बीच होकर गुजारने वाली बाईपास सड़क निर्माण को लेकर आज बैठक आयोजित किया गया है। जिसमे अंचला गांव सहित कई गांव के लोगों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान के उत्तर व दक्षिण दोनों तरफ जमीन है।
ऐसे में बाईपास सड़क का निर्माण कब्रिस्तान के उत्तर व दक्षिण की ओर भी किया जा सकता है। जिससे कब्रिस्तान सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान के बीचो बीच बाईपास सड़क निर्माण करने का कोई औचित्य नहीं है। लेकिन कब्रिस्तान के बीचो बीच बाईपास सड़क निर्माण को लेकर किस मानसिकता के तहत सर्वे किया गया है। यह समझ से परे है। उन्होंने कहा कि अंचला के मुसलमानों का सर कुचलने के उद्देश्य कब्रिस्तान के बीचो बीच बाईपास सड़क निर्माण को लेकर सर्वे किया गया है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग जान दे देंगे लेकिन कब्रिस्तान में बुलडोजर नहीं चलाने देंगे। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को लोकतांत्रिक तरीके से लड़ा जाएगा। हाजी जउवाद अंसारी ने कहा कि इस मामले को लेकर सबसे पहले अनुमंडल पदाधिकारी, उपायुक्त, झारखंड प्रदेश के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री, पथ निर्माण विभाग मंत्री को आवेदन दिया जाएगा।
यदि इसके बाद भी बात नहीं बनती है तो कब्रिस्तान को बचाने को लेकर दिल्ली तक लड़ाई लड़ी जाएगी। इसके बावजूद इस समस्या का समाधान नहीं होता है तो इसी कब्रिस्तान में लोग दफन हो जाएंगे। लेकिन कब्रिस्तान के बीचो बीच बाईपास सड़क का निर्माण नहीं होने देंगे। मोहम्मद आजम अली ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से यदि कब्रिस्तान के मामले को हल नहीं किया जाता है तो विवश होकर इसके विरुद्ध आंदोलन का रूख अख्तियार किया जाएगा। जिसकी सारी जिम्मेवारी सरकार की होगी। इफ्तिखार अहमद ने कहा कि किसी भी हाल में कब्रिस्तान के बीचो-बीच बाईपास सड़क का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान के चारों तरफ जमीन है। उस जमीन में बाईपास सड़क का निर्माण किया जा सकता है।
लैलुन बीवी ने कहा की इस कब्रिस्तान में उनके घर के बाप दादा लेटे हुए हैं। ऐसे में इस कब्रिस्तान में बाईपास सड़क का निर्माण नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान में लेटे हुए लोगों का बेहुरमती नही होने दिया जाएगा।
इस अवसर पर डॉ यासीन अंसारी, डॉ असजद अंसारी, हकीम अंसारी, फरीद खान, शहाबुद्दीन अंसारी, अलीमुद्दीन अंसारी, निजाम अंसारी, ताहिर हुसैन, शोएब अंसारी, इस्लाम अंसारी, नसरुद्दीन अंसारी, वारिस अंसारी, फजिल अंसारी, मो अशरफ हुसैन, साबिर, आयशा बीवी, फातिमा बीवी, मोमिना बीवी सहित कई लोग उपस्थित थे।