मेराल : मेराल थाना क्षेत्र के बाजूडीह गांव निवासी 50 वर्षीय दरोगा सिंह का शव, गुम होने के पांचवे दिन कोयल नदी के बीच धार से मेराल पुलिस ने उसके साथ मछली मारने गए हिरासत में लिए गए दोनों लोगों के निशानदेही पर बरामद किया।
इस संबंध में पूरे घटनाक्रम का अनुसंधान का नेतृत्व कर रहे गढ़वा एसडीपीओ बहामन टूटी ने बताया कि इस पूरे मामले का अनुसंधान चल रहा है। पुलिस हिरासत में लिए गए मछली मारने गए साथ के दोनों लोगों के द्वारा हत्या किया गया है, अथवा मछली मारने के दौरान उनके द्वारा विद्युत करंट का जो इस्तेमाल किया गया था उससे करंट लगने से मौत हुई है, इसे ध्यान में रखते हुए अनुसंधान किया जा रहा है। इधर शव को बरामद किए जाने के बाद बाद आवश्यक प्रक्रिया को पूरा कर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा भेज दिया गया।
इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार मेराल थाना पुलिस द्वारा पूर्व से लिए गए हिरासत में उक्त गांव के ही नंदकिशोर सिंह उर्फ नंदा सिंह एवं अमेरिका पासवान के निशानदेही पर गायब दरोगा सिंह का शव मंगलवार को बरामद कर लिया गया। शव मिलने की खबर पर गांव सहित आसपास के ग्रामीण नदी की ओर टूट पड़े।
पिछले 12 फरवरी 2021 की लगभग दिन के सुबह 10 बजे दरोगा सिंह अपने खेत में गोबर युक्त राख मान फेंक रहे थे। इसी दौरान नंदकिशोर सिंह उर्फ नंदा सिंह एवं गांव के ही अमरीका पासवान ने उनके पास पहुंच मछली मारने कोयल नदी में चलने को कहा और साथ में लेकर चले गए। ये तीनों व्यक्तिय बिजली के तार से मछली मार रहे थे। इसके बाद दरोगा सिंह को छोड़कर अमेरिका पासवान एवं नंदकिशोर सिंह अपने घर आ गए।
देर शाम तक नहीं आने पर दरोगा सिंह की पत्नी व परिजन उन्हें पता लगाया लेकिन कोई अता पता नहीं चल सका।
इधर कयास लगाया जा रहा था कि संभवत बिजली के करंट से मछली मारने के दौरान दरोगा सिंह की मौत हो गई होगी। इसके बाद उनके दो अन्य सहयोगियों के द्वारा शव को नदी के बीच धार में फेंक दिया होगा। लेकिन लोगों के द्वारा कहा गया कि इन दोनों के खोजबीन में शव नहीं मिला। आखिर में मंगलवार की सुबह शव पाया गया। हालांकि पुलिस द्वारा लगातार गायब दरोगा सिंह का शव जिंदा या मुर्दा बरामद करने के लिए अथक प्रयास में जुटी थी।
इधर पुलिस पर शिथिलता बरतने के आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने गत सोमवार को बाजूडीह गांव स्थित मुख्य पथ पर जाम कर दिया था। सूचना पाते ही गढ़वा एसडीपीओ बहामन टुटी, मझिआंव पुलिस निरीक्षक अशोक सिंह, मेराल बीडीओ गौतम कुमार, मेराल थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार जाम स्थल पर पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा था कि 24 घंटे का समय हम लोगों को दिया जाए।
आश्वासन के महज 15 से16 घंटे अंदर हिरासत में लिए गये आरोपी के निशानदेही पर बाजूडीह गांव से सटे स्थानीय कोयल नदी के पानी के बीचो बीच धार में दरोगा सिंह का शव पाया गया। शव घर लाते ही मृतक दरोगा सिंह की पत्नी अर्पणा देवी सहित ग्रामीणों को शव देखकर आंख से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहा था। वहीं पीड़ित पत्नी एवं उनके बच्चे दहाड़ मार कर रोने लगे। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इधर प्रखंड बीडीओ गौतम कुमार ने तत्काल मृतक दरोगा सिंह के पीड़ित पत्नी के नाम से एक अंबेडकर आवास, विधवा पेंशन, दाह संस्कार के लिए नगद 10 हजार रुपए राशि उपलब्ध कराया और साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि अविलंब मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के बाद परिवारिक लाभ सरकारी प्रावधानों के अनुसार 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
साथ ही आपदा एवं अन्य सहयोग दिलाने के लिए सरकार से पत्राचार किया जाएगा। और पंचायत सचिव सुरेंद्र सिंह को बीडीओ ने मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का निर्देश दिया।
मौके पर मेराल एजीएम सतीश सिंह, खोरीडिह मुखिया अरुण तिवारी, ओखड़गाड़ा पूर्वी पंचायत के मुखिया शोभा देवी सहित ग्रामीण महिला पुरुष काफी संख्या में मौजूद थे।