भवनाथपुर : सेल के प्रशासनिक भवन पर चल रहे इंटक यूनियन के बैनर तले त्रिपाठी गुट के द्वारा तुलसी दामर खदान के मजदूरों के साथ धरना प्रदर्शन के पांचवे दिन पूर्व सांसद घुरन राम, कांग्रेस के विधायक प्रत्यासी केपी यादव, बसपा के लालू राम का भी समर्थन मिला। उक्त नेताओ ने मजदूरो के चार सूत्री मांग पत्र को जायज बताते हुए अंतिम चरण तक सहयोग करने का आश्वासन दिया।
घुरन राम ने मजदूरो को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपकी हक की लड़ाई जायज है और आपकी लड़ाई लड़ने वाली इंटक यूनियन के नेतागण भी जुझारू हैं और आपकी लड़ाई की अंतिम चरण तक ले जाएंगे। कहा कि सेल प्रबंधन की रवैया ठीक नही है। मजदूर पांच दिनों से प्रशासनिक भवन पर शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं, जिस पर कोई आश्वासन नही मिला।
इससे साफ प्रतीत होता है कि सेल सामंती विचार धारा रखती है। यह लड़ाई बाध्य होकर भवनाथपुर से दिल्ली तक ले जाएंगे।
कांग्रेस के केपी यादव ने कहा कि केन्द्र सरकार श्रम कानून में परिवर्तन कर यूनियन व मजदूरो को समाप्त करना चाहती है जिसके कारण पूर्व में लगे उद्योग धंधे बन्द हो रहे हैं, लोग बेरोजगार हो रहे हैं। जिसका प्रमाण है कि चालीस वर्ष पूर्व पलामू प्रमंडल में लगे सेल का इकलौता प्लांट के बाद तुलसी दामर खदान को बन्द कर हजारो मजदूरो की रोजी रोटी छीन गई और आज मजदूर आंदोलन पर हैं। अगर सेल प्रबंधन इनकी मांगो को पूरा नही करती है तो आंदोलन और तेज करने की जरूरत है।
वहीं इंटक के राष्ट्रीय सचिव कन्हैया चौबे ने बताया कि आज विगत पाँच दिनों से मजदूर यूनियन के बैनर तले शांति पूर्ण आंदोलन कर रहे हैं, परन्तु सेल प्रबंधन के अधिकारी भागे फिर रहे हैं, इससे साफ पता चलता है कि सेल सामंती विचार धारा के तहत कान में तेल डाल कर सोई है जिसको अब जगाना होगा।
कन्हैया ने सोमवार से लड़ाई को तेज करते हुए भूख हड़ताल का ऐलान किया। जिसमें उनके साथ कुछ मजदूर भी भूख हड़ताल में शामील होने का एलान किया है।
सभा के सम्बोधन के पश्चात सभी नेता व मजदूर सेल के आवासीय परिसर में भर्मण कर सेल को सोमवार से भूख हड़ताल की चेतावनी दिया। जिसमें नारेबाजी करते हुए कहा कि सेल प्रबंधन होश में आओ, जीएम मुर्दाबाद, जीएम साहब हाय हाय, मारो जूता थाय थाय सहित नारेबाजी की। भर्मण के पश्चात सभी मजदूर सेल के प्रसाशनिक भवन गेट के सभा स्थल पर पहुंच कर स्थल पर पहुंचे।
कार्यक्रम में इंटक के प्रदीप शर्मा, शुशील चौबे, मजदूर नेता भिखारी राम, शंभु राम, लालू राम, रामकेश पाल, वीरेंद्र राम सहित सैकड़ों मजदूर उपस्थित थे।