बिशुनपुरा : प्रखंड के सुदूरवर्ती क्षेत्र देवगुड़वा गांव के चरख पतली टोला के लोग आजादी के 74 वर्ष बीत जाने के बाद भी विकास से कोसों दूर है।
मालूम हो कि उस टोले पर लगभग 10 घर की आबादी लगभग 60 की सख्या में लोग रहते हैं। लेकिन उस टोले पर लोग आज भी मुख्य सड़क से अपने घर पहुचने के लिए एक पगडंडी के सहारे आते जाते रहते हैं। वहीं इस टोले पर बिजली का खम्बा व तार सिर्फ सोभा बढ़ाने का काम आरही है। इस टोले पर पानी पीने के लिए एक मात्र चापाकल है, जो गर्मी के दिनों में सूखने लगती है।
कभी कभी ऐसा भी होता है कि चापाकल खराब होने पर लोग एक किलो मीटर दूरी तय कर झरिवा नाला से पानी पीने को मजबूर हो जाते हैं।
ग्रामीण कलामुदिन मिया, बीरेंद्र सिंह खरवार, कमरूदीन अंसारी, मंगरुदीन अंसारी, बलराम सिंह खरवार, अमूल अंसारी, समूल अंसारी, कउली देवी, फतमा बीबी, असमा बीबी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि सड़क, बिजली और पानी को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियो के पास आवाज उठाया गया लेकिन किसी ने इसकी शुद्धि नही ली।
ग्रामीणों ने बताया कि इस टोले पर सड़क नहीं होने के कारण आवागम में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सड़क नहीं होने से कभी-कभी प्रसूति महिला व बीमार लोगों को ले जाने में खाट से बना डोली का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस टोले पर बिजली का खम्बा होने के बाद भी बिजली नहीं जलती है। जिसके कारण आज भी ढिबरी युग में रहने को मजबूर हैं। बताया कि अभी तक इस टोले पर बिजली नहीं जली है जिसके बाद भी विभाग के लोगों द्वारा कुछ घरों में मीटर व बोर्ड दे दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग के अधिकारियों के पास कई बार जानकारी दी गई, लेकिन कोई पहल नहीं की गई। ग्रामीणों ने बताया कि इस टोले पर लगभग 60 लोगों की आबादी है। इतनी आबादी पर पानी पीने के लिए मात्र एक चापाकल लगवाया गया है, जो गर्मी के दिन आते ही दम तोड़ने लगती है, जिसके बाद लोग नाला से चुवाड़ी का पानी पीने के लिए मजबूर रहते हैं।