भवनाथपुर : प्रखंड अंतर्गत वनसानी पंचायत में मनरेगा कर्मियों की मिली भगत से मनरेगा योजना निर्माण में भारी अनिमियतता और योजना में बगैर काम कराये फर्जी तरीके से निकासी किये जाने का मामला प्रकाश में आया है।
बतातें चलें कि बसंत राम के खेत में 1.40 लाख रुपये की लागत से 60/60 के डोभा निर्माण योजना में बगैर कार्य कराये बिना फर्जी मास्टर रोल बनाकर दिसंबर 2020 में 12 मजदूरों का 6-6 दिन का काम दिखाकर 13 हजार 960 रुपये की निकासी कर लिया गया, जबकि धरातल स्थल पर कोई काम नहीं कराया गया। वहीं कूप के लाभुक कौशल्या देवी के खेत में कूप निर्माण, धर्म नंदन विश्वकर्मा के खेत में कूप निर्माण सहित आधा दर्जन कूप निर्माण में मजदूरों के बजाय जेसीबी से 15 से 20 फिट खोदकर मजदूरों के नाम पर फर्जी मास्टर रोल बनाकर डिमांड मार दिया गया।
जबकि दूसरी तरफ लव सिंह के खेत में पूर्व में मनरेगा से बने टीसीबी योजना में ही मिट्टी काटकर तालाब का निर्माण कराया जा रहा है। कुछ योजनाओं में अभी तक राशि की निकाशी नहीं हुई है। परन्तु मस्टररोल व डिमांड कर दिया गया है। योजनास्थल पर ग्रामीणों से पुछने पर नाम नहीं छापने के शर्त पर जेसीबी चलाये जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि पंचायत के मजदूर काम के अभाव में दूसरे प्रदेशों में पलायन कर रहें है, वहीं सरकार द्वारा इनके हित में चलायी जा रही योजनाओं में मजदूरों के बजाए जेसीबी मशीन से काम करवाया जा रहा है। ग्रामीणों ने आगे बताया कि जेसीबी मशीन चलाने की हरी झंडी मनरेगा कर्मी ही देते हैं, क्योंकि मशीन लगाने के तुरंत बाद उक्त योजना में मजदूर लगाकर मशीन के निशान मिटा दिये जाते हैं।
इस संबंध में रोजगार सेवक ज्ञानरंजन चतुर्वेदी ने अनभिज्ञता जताते हुई कहा कि इस तरह का मामला अभी संज्ञान में नही आया है। जबकि इस संबंध में बीपीओ अखिलेश्वर प्रसाद ने कहा कि की इसकी जानकारी नहीं है। मैं कुछ दिन पूर्व ही प्रभार लिया हूं मामले की जानकारी नहीं है, स्थल पर जा कर जांच करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।