गढ़वा : गुरु को भले ही देवता से भी ऊपर का दर्जा धर्मशास्त्र में दिया जाता हो अथवा उसे राष्ट्र निर्माता से समाज नवाजे, मगर विधायक जी की तलफदारी नहीं करना पड़े, ऐसा वर्तमान समय में संभव नहीं है। क्योंकि तलफदारी नहीं करने पर नाराज जनप्रतिनिधि का खामियाजा ऐसे शिक्षकों को भुगतना पड़ जाता है।
कुछ ऐसी ही घटना केतार प्रखंड के आधा दर्जन शिक्षकों के साथ घटी है। बेचारे शिक्षक अपनी ड्यूटी समाप्त होने के बाद बीआरसी केतार में गपशप लड़ाने में मशगूल थे। इसी बीच विधायक जी की गाड़ी इन शिक्षकों के सामने से गुजर गई, पर इनकी नजर नहीं पड़ी। या यूं कहें कि उन्होंने दौड़ कर सलामी नहीं ठोकी, नतीजा रहा कि कुछ घंटे बाद ही उन्हें प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी राकेश प्रसाद के द्वारा 1 दिन का वेतन काटने की सजा सुनाते हुए शो कॉज का नोटिस थमा दिया गया है ।
शो कॉज में माकूल जवाब नहीं देने पर बर्खास्त करने तक की धमकी दी गई है। आगे क्या होगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा, मगर इन विचारों को विधायक जी की तलफदारी नहीं कर पाने की इतनी भारी किमत चुकानी पड़ेगी शायद स्वप्न में उन्होंने सोचा नहीं होगा।
दरअसल आप सोच रहे होंगे कि आखिर यह पहेली है, अथवा हकीकत तो, आप जान ही लीजिए कल यानी दो फरवरी को विधायक जी क्षेत्र भ्रमण के दौरान केतार गए थे। उनकी गाड़ी तेज रफ्तार से केतार बीआरसी होते हाई स्कूल के कैंपस में जाकर रुकी। इसी दौरान बीआरसी भवन में ड्यूटी समाप्त होने के बाद आधा दर्जन शिक्षक राम लखन राम, शिवपूजन यादव, आशीष कुमार पाठक, महेंद्र सिंह, रविशंकर सिंह तथा शंभू सिंह विधायक जी की गाड़ी का आकलन नहीं कर पाने के कारण बैठे रहे।
बाद में जब गाड़ी हाई स्कूल कैंपस में पहुंची तो वहां भी उन्होंने विधायक जी के अपेक्षा के अनुकूल वंदना नहीं किया।
नतीजा रहा कि उन्हें प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी राकेश प्रसाद के द्वारा वेतन काटने का नोटिस यह कहते हुए भेजा गया है कि उन्होंने विधायक जी के साथ शिष्टतापूर्ण व्यवहार नहीं किया है। नोटिस जो तामिल किया गया है, शो कॉज कर दिया गया है, बर्खास्त करने तक की धमकी भी है। उसमें आगे इस घटना का पटाक्षेप क्या होगा यह तो आने वाला वक्त बताएगा, मगर गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु की मान्यता वाले इस देश में शिक्षकों की ऐसी दुर्गति होगी शायद किसी ने सोचा भी नहीं होगा।