पलामू : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कुख्यात माओवादी अभिजीत यादव की करोड़ों की संपत्ति को जब्त की है। अभिजीत यादव की पत्नी गीता देवी के नाम मौजूद सभी संपत्ति को ईडी जब्त करते हुए सरकारी संपत्ति घोषित कर नीलामी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रवर्तन निदेशालय पटना की टीम ने पलामू के मेदिनीनगर, छतरपुर और हरिहरगंज में एक साथ कार्रवाई की जिसमें मेदिनीनगर में पॉश इलाके में जमीन के दो प्लाट, हरिहरगंज में जमीन का प्लॉट और अर्द्धनिर्मित घर, छतरपुर में जमीन के तीन प्लाट को जब्त किया है। ईडी की टीम का नेतृत्व उपनिदेशक रैंक के अधिकारी कर रहे थे।
2015 के बाद अभिजीत ने खरीदी थी संपत्ति

पलामू पुलिस ने 2018 में अभिजीत यादव के पास एक करोड़ से अधिक की संपति का आकलन किया था, जिसके बाद में यूएपीए एक्ट के तहत कई जगह जमीन को जब्त किया था।
बाद में पूरे मामले को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिया गया था। ईडी ने कई जगह संपति का पता लगाया। सभी संपति को यूएपीए एक्ट के तहत जब्त किया है। अभिजीत यादव पलामू के छत्तरपुर के इलाके के रहने वाला है। झारखंड सरकार ने अभिजीत पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया है।अभिजीत माओवादियो का जोनल कमांडर है।उसके बैंक खाताओं को पुलिस पहले ही जब्त कर चुकी है।
55 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल रहा है अभिजीत
अभिजीत यादव झारखंड-बिहार के सीमावर्ती इलाके में सक्रिय है। अभिजीत पर बिहार और झारखंड में 55 से अधिक नक्सल घटनाओं में शामिल रहने का आरोप है। 2013 में 15 टीपीसी उग्रवादियों की हत्या, 2016 में काला पहाड़ विस्फोट जिसमें सात जवान शहीद हुए थे, 2017 में बिहार के औरंगाबाद और गया सीमा पर कोबरा की टीम पर हमला करने, इस हमले में 10 जवान शहीद हुए थे।
साथ ही झारखंड विधानसभा चुनाव के दिनों में पिपरा प्रमुख के पति मोहन गुप्ता की हत्या करने का मुख्य आरोपी भी है।