रमना : भारतीय भूईया विकास परिषद् के बैनर तले को सैकड़ों लोगों ने रैली निकाल कर नये कृषि कानून और कृषि संशोधन बिल की वापसी सहित 14 सूत्री मांग पत्र गुरुवार को बीडीओ हुलास महतो के माध्यम से राजपाल को भेजा है।
इसके पहले भारतीय भुईया विकास परिषद् के केंद्रीय अध्यक्ष नरेश भुईया व भारतीय जनमुक्ती परिषद् के केंद्रीय अध्यक्ष उमाशंकर बैगा व्यास के नेतृत्व मे सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चों रैली की शक्ल में निकलकर शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किया। इसके अलावा बाजार वह मुख पथ होते हुए प्रखंड कार्यालय पहुंचकर बीडीओ हुलास महतो को ज्ञापन सौंपा।
सौंपे गए ज्ञापन में तीनों ने कृषि कानून को रद्द किए जाने के साथ-साथ मानवाधिकार कार्यकर्ता स्टैंड स्वामी सहित अन्य मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को अविलंब जेल से रिहा करने, हड़पी गई जमीन को वापस करने, जल जंगल जमीन पर पूर्ण अधिकार देने, वन अधिकार कानून 2006 और 2008 को पूर्ण रुप से लागू करने, बनकटा निर्गत करने, कोरोना के नाम पर बंद विद्यालयों को अभिलंब खोलने, बिना शर्त केसीसी ऋण की माफी करने आदि आदि शामिल है।
मांग पत्र सौंपने से पूर्व वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार संविधान और संवैधानिक पदों की अवहेलना करते हुए लोकतंत्र को कमजोर कर रही है। पूंजीपति वर्गों को फायदे के लिए कानून में संशोधन किसानों को खेती जैसे पारंपरिक पेशा से हटाना चाह रही है। इस स्थिति में देश के सभी दलित, आदिवासी, पिछड़ा, किसान, मजदूर और सर्वहारा वर्ग के लोगों को एकजुट होना होगा।
कार्यक्रम को नरेश भुईया, उमाशंकर बैगा ब्यास, प्रमंडल के सचिव पिंटू भुईया, उमेश उराव, जिला अध्यक्ष सरिता देवी आदि ने संबोधित किया।
जबकि इस अवसर पर शहबीर भुइयां, मंगली देवी, चंद्रावती देवी, इंद्रदेव भुईया, बुधन भुईया सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।