गढ़वा : विगत 17 जनवरी से रांची में बिरसा चौक पर धरना पर बैठे 14 वें वित्त कर्मियों पर आज उस समय रांची में पुलिस ने बर्बरता पूर्ण तरीके से लाठी बरसाई जब वो लोग मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे। पुलिस की लाठी से दर्जनों लोग घायल हुए हैं, जिसमें गढ़वा के जेई नीरज पाल को गंभीर चोट लगी है है।
दरअसल सरकार पहले कहती थी कि 14 वें वित्त में प्रशासनिक मद में पैसा आता था। उससे ऐसे संविदा कर्मियों को मानदेय भुगतान किया जाता था, पर 15 वें वित्त में ऐसा कोई मानदेय देने का प्रावधान गाईडलाइन नहीं है।
धरना पर बैठे कर्मियों का कहना है कि आलमगीर आलम (ग्रामीण विकास मंत्री, झारखंड) द्वारा इस विषय पर नरेन्द्र तोमर (मंत्री भारत सरकार) से पत्र के माध्यम से जानकारी ली गई तो, नरेन्द्र तोमर ने बताया कि कर्मियों का मानदेय भुगतान 15 वें वित्त के यूनाइटेड फण्ड से की जा सकती है।
बावजुद आलमगीर आलम के द्वारा बोला जाता है कि वर्तमान कर्मियों को हटाकर नई बहाली 15 वें वित्त में की जाएगी। ऐसे में सभी कर्मी बेरोजगार हो चुके हैं।
विदित हो कि झारखंड सरकार ने 1600 कर्मियों का अनुबंध 31/12/2020 को समाप्त कर दिया है। इसके विरोध में 14 वें वित्त कर्मी पिछले जनवरी से रांची बिरसा चौक पर धरना पर बैठे हुए हैं। मगर सरकार इन बेरोजगार हो रहे हैं नवजवानों के प्रति संवेदनशील नहीं है, उल्टे उन पर लाठी बरसा रही है।