गढ़वा : उपायुक्त गढ़वा राजेश कुमार पाठक के कार्यालय प्रकोष्ठ में प्रत्येक मंगलवार व शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया जाता है; उसी के निमित्त आज उपायुक्त ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया। इसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखते हुए समाधान की गुहार लगाई।
सर्वप्रथम जनता दरबार में ग्राम- जरही, डंडई निवासी अमोला कुंवर ने उपायुक्त को अपनी समस्या बताते हुए कहा कि मुझे मेरी भूमि से जबरन बेदखल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं एक विधवा महिला हूं तथा मेरे दोनों पुत्र अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। जीवन यापन के लिए मेरे पास मात्र 0.90 एकड़ की भूमि ग्राम- जरही, थाना डंडई में स्थित है, जिसके सारे कानूनी कागजात मेरे पास उपलब्ध है।
पति की मृत्यु के 3 से 4 साल के पश्चात मेरे चचेरे रिश्तेदारों के द्वारा मुझे उक्त भूमि से बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है, उनके द्वारा कानूनी प्रक्रिया करते हुए मुझे वहां से हटाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से अपनी समस्या के समाधान का अनुरोध किया। जनता दरबार में अगले फरियादी ग्राम- बिलासपुर, पोस्ट- जमुई, थाना- नगर उंटारी निवासी नवनीत कुमार मिश्रा ने जनता दरबार में कहा कि मैं एक छोटा कृषक हूं तथा पानी के अभाव में ठीक ढंग से कृषि कार्य कर पाने में असमर्थ हूं, ऐसे में मैंने वर्ष 2019- 20 में कुसुम योजना के तहत सोलर आधारित पंप लगाने हेतु आवेदन पत्र भरकर कृषि विभाग गढ़वा में जमा किया था लेकिन मुझे अभी तक उस योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है।
पुनः मेरे द्वारा एक नया आवेदन पत्र भर कर ज्रेडा (झारखंड रिन्यूअल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) को भी 2 एचपी सोलर पंप के लिए दिया गया है। ऐसे में उन्होंने उपायुक्त से अपनी समस्या कहते हुए कुसुम योजना के तहत सोलर आधारित पंप मुहैया कराने का आग्रह किया।
जनता दरबार में अगले फरियादी ग्राम/ पोस्ट- कोचेया, थाना- बिशनपुरा निवासी बलराम साह ने भी उपायुक्त से अपनी खरीदी हुई जमीन पर जबरदस्ती जोतकोड़ करने संबंधी मामले को लेकर शिकायत करते हुए कहा कि मेरे पड़ोसी के द्वारा मेरी रैयती भूमि पर जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा है। उनके द्वारा उक्त भूमि पर खेती की जा रही हैं। इस जमीन को हमने सन 1978 में खरीदा था जिसके कागजात भी मेरे पास मौजूद है।
ऐसे में उन्होंने उपायुक्त से उक्त संदर्भ में कानूनी कार्रवाई करवाते हुए उनकी समस्या के समाधान का निवेदन किया।
जनता दरबार में इसके अलावा एनएच 75 निर्माण में अधिग्रहण किए गए भूमि के मुआवजा भुगतान से संबंधित आवेदन, अनुकंपा के आधार पर नौकरी, खरीदी गई जमीन पर जबरन कब्जा, लंबित वेतन भुगतान, आवास योजना का लाभ मुहैया कराने समेत अन्य से जुड़े कुल 30 आवेदन आये जिन्हें उपायुक्त ने संबंधित पदाधिकारियों को अग्रसरित करते हुए जल्द से जल्द उसका निष्पादन करने का निर्देश दिया।