तीन साल के बाद सदर थाने में हुई प्राथमिकी दर्ज
गढ़वा : सदर थाना क्षेत्र के सोनपुरवा मोहल्ला निवासी विनय गौड़ को तीन साल के बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। विनय गौड़ अपनी पत्नी रिंकी देवी की मौत के बाद प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तीन वर्ष से परमेश्वरी हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉक्टर निशांत सिंह और नीतू सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए चक्कर लगाता रहा पर उसकी प्राथमिकी तीन साल बाद दर्ज की गई। तीन साल बाद उसके आवेदन पर परमेश्वरी हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ निशांत सिंह और नीतू सिंह सहित अस्पताल के अन्य सहयोगियों के विरोध सदर थाना प्राथमिकी दर्ज कर लिया है।
सदर थाने में दिए गए आवेदन में विनय गौड़ ने कहा है कि तीन वर्ष पूर्व सात जनवरी 2018 को परमेश्वरी अस्पताल में उसकी पत्नी रिंकी देवी की मौत चिकित्सकों की लापरवाही के कारण हो गई थी।
उसकी पत्नी रिंकी का डिलेवरी संबंधित सभी जांच और इलाज परमेश्वरी हॉस्पिटल के चिकित्सक डॉ नीतू सिंह एवं डॉक्टर निशांत सिंह के देखरेख में चल रहा था। डॉक्टर ने जांच के पश्चात पत्नी का पूर्ण रूप से स्वस्थ बताते हुए दस जनवरी 2018 को नॉर्मल डिलेवरी होने की बात कही गई थी।
छह जनवरी 2018 को चेकअप के लिए परमेश्वरी हॉस्पिटल पहुंच कर पत्नी का चेकअप कराया। चिकित्सकों ने चेकअप के बाद इंजेक्शन लगा कर बाद में आने की बात कह कर टाल दिए, उसी दिन रात्रि में दो बजे पत्नी को लेकर अस्पताल पहुंचे। वहां पर लोगों ने एडमिट कर नॉर्मल डिलेवरी की बात बोल कर ऑपरेशन रूम में ले गए। 4: 23 बजे डॉ नीतू ने बच्चा होने की सूचना देते हुए खून की आवश्यकता की बात कही, मैं खून की व्यवस्था कर जब परमेश्वरी हॉस्पिटल पहुंचा तो देखा कि अस्पताल के लोगों द्वारा उनकी पत्नी को एंबुलेंस पर रखा जा रहा है।
इस दौरान उसकी पत्नी के पेट के नीचे से काफी खून गिर रहा था और पत्नी का सांस नहीं चल रहा था। मैं डॉक्टर और उपस्थित नर्सों से अपनी पत्नी के जान बचाने की गुहार लगाई तो उन्होंने बताया कि तुम्हारी पत्नी अब इस दुनिया में नहीं रही इसकी मौत हो चुकी है।
विनय कुमार गौड़ ने कहा कि मेरी गर्भवती पत्नी जो पूर्ण रूप से स्वस्थ थी, उसके जांच के नाम पर शुरू से ही हमसे काफी आर्थिक दोहन किया गया और पैसा की उगाही के लिए पत्नी के शरीर को अनावश्यक रूप से काट छांट किया गया। इलाज के दौरान चिकित्सकों द्वारा लापरवाही की गई, जिससे उसकी हालत काफी खराब हो गई और उसकी मौत हो गई।