पैसे के लालच में बड़ा भाई व भाभी ने एक अन्य व्यक्ति के साथ गला दबाकर की हत्या
गढ़वा : गढ़वा पुलिस ने जितेंद्र महतो हत्याकांड का खुलासा 24 घंटे के अंदर शनिवार को किया है। इस मामले में पुलिस ने मृतक जितेंद्र मेहता के बड़ा भाई भोला महतो उसकी पत्नी ललिता देवी एवं उसके एक ग्रामीण देवेंद्र कुशवाहा उर्फ देवान को गिरफ्तार कर लिया है। इसकी जानकारी एसडीपीओ बहामन टूटी शनिवार को गढ़वा थाने में प्रेस वार्ता आयोजित कर जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 7 जनवरी को 11:00 बजे सूचना मिली थी। कि केवल नहर करमडीह के गांव के पास एक अज्ञात शव पड़ा हुआ है। सूचना के आलोक में थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह के द्वारा गढ़वा थाना कांड संख्या 9/ 21 के तहत हत्या की प्राथमिकी दर्ज किया गया था।
उन्होंने बताया कि अनुसंधान के क्रम में यह बात सामने आई कि मृतक जितेंद्र मेहता एवं भोला मेहता आपस मे सगा भाई था। इन दोनों का जमीन एनएच में गया हुआ था। इसमें काफी पैसा मिलने वाला था। उन्होंने बताया कि मृतक के भाई भोला महतो इस पैसा को अकेला हड़पना चाहता था। इसी नियत से उसका हत्या कर दिया। उन्होंने कहा कि मृतक जितेंद्र मेहता अपने भाई को शराब पीकर बराबर गाली गलौज करते रहता था। साथ ही भोला की पत्नी ललिता देवी के साथ छेड़छाड़ करता रहता था। इसको लेकर कई बार पंचायत भी हुआ था।
उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों में जमीन को लेकर बराबर विवाद चल रहा था। इन सभी बातों को लेकर भोला महतो उसकी पत्नी ललिता देवी तथा देवेंद्र कुशवाहा के साथ मिलकर षड्यंत्र रच कर 6 जनवरी की शाम संध्या 7:00 बजे गढ़वा थाना क्षेत्र के करमडीह गांव के केवल नहर पर गाय लाने के बहाने जितेंद्र मेहता को ले गया।
इसके बाद तीनों अभियुक्तों के द्वारा शराब के नशे में धुत जितेंद्र मेहता का गला दबाकर हत्या कर दिया। उन्होंने बताया कि अनुसंधान के दौरान हरि किशुन महतो का पुत्र भोला महतो स्वर्गीय रामचंद्र महतो का पुत्र देवेंद्र कुशवाहा एवं भोला महतो की पत्नी ललिता देवी ने अपना अपराध स्वीकार किया है। एसडीपीओ ने बताया कि मृतक जितेंद्र महतो का पिता हरकिशुन महतो के द्वारा गढ़वा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराया गया था।
छापामारी टीम में एसडीपीओ के अलावे पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह सहीत पी एस आई व जवान शामिल थे।