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गढ़वा : समाहरणालय गढ़वा में समाहरणालय में कार्यरत कर्मियों और पदाधिकारियों के अतिरिक्त बाहर के किसी भी वाहन का प्रवेश दिनांक 26.12.2020 से पुनः वर्जित कर दिया गया है। इस संबंध में उपायुक्त द्वारा आदेश जारी कर समाहरणालय के मुख्य द्वार पर दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त किया गया है, ताकि बिना पास वाले वाहन समाहरणालय के मुख्य द्वार के अंदर प्रवेश ना हो सके।
क्या है प्रवेश पास?
दिनांक 21.09.2020 को उपायुक्त द्वारा पहली बार समाहरणालय के अंदर वाहन प्रवेश हेतु पास निर्गत करने का आदेश जारी किया गया। जिसके आलोक में जिला परिवहन पदाधिकारी गढ़वा द्वारा समाहरणालय में कार्यरत सभी पदाधिकारी/कर्मियों को वाहन संख्या के साथ कर्मचारी और पदाधिकारी हेतु पास निर्गत किया गया था।
क्यों दुबारा जारी करना पड़ा आदेश?
उपायुक्त द्वारा जारी किए गए दोनों आदेश
विदित हो कि सितंबर में दिए गए उपायुक्त के आदेश के बाद सभी वाहन में प्रवेश पास लग गए और प्रवेश पास वाले वाहन समाहरणालय गेट के अंदर आने लगे इसके लिए समाहरणालय के मुख्य द्वार पर वाहन चेकिंग के लिए दंडाधिकारी और पुलिस बल भी प्रतिनियुक्त किए गए थे परंतु कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों नेताओं और कुछ लोगों से बराबर दंडाधिकारी और पुलिस बल से तू-तू , मैं-मैं होते रहता था। खैर यह आदेश कुछ ही दिनों में कागज के पन्नों तक सिमट कर रह गया और सभी लोगों का वाहन समाहरणालय के अंदर आना प्रारंभ हो गया।
क्या है समस्या?
समाहरणालय परिसर के अंदर वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त जगह नहीं है।
कार्यरत कर्मियों और पदाधिकारियों के वाहन के अलावा जगह नहीं बचता है, इसीलिए बाहर के लोगों का वाहन का अंदर प्रवेश वर्जित किया गया था। लेकिन आदेश ठीक से लागू नहीं होने के कारण सभी गाड़ियां अंदर आ जाती हैं और बेतरतीब तरीका से वाहन का पार्किंग करने से सरकारी वाहन को भी आने जाने में कठिनाई होने लगती है। इसलिए कर्मी और पदाधिकारी के अलावा बाहरी वाहनों के प्रवेश को वर्जित किया गया था, समस्या को यथावत देखते हुए पुनः आदेश जारी किया गया है।
इस बार होगा अमल?
पिछली बार निर्गत किए गए आदेश में दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त नहीं किए गए थे जिस कारण हो सकता है कि वह आदेश ज्यादा दिन तक नहीं लागू रह पाया। परंतु इस बार आदेश संतुलित लग रहा है और जारी किए गए आदेश में सुबोध कुमार कार्यपालक दंडाधिकारी को दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त किया गया है, जिस से उम्मीद है कि लिखित में दंडाधिकारी प्रतिनियुक्त होने के कारण यह आदेश अमल होने की उम्मीद है।