गढ़वा : जिले में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल द्वारा विभिन्न तरह के सात योजनाओं के लिए निविदा निकाला गया। लेकिन गढ़वा जिले के संवेदकओं ने आज निविदा आमंत्रित करने के दिन सरकार के द्वारा किए गए निविदा नियम संशोधन के विरोध में गढ़वा समाहरणालय पहुंचकर ना ही निविदा डाला बल्कि सरकार के आदेश का बहिष्कार किया।
गढ़वा समाहरणालय में मौजूद गढ़वा जिला संवेदक संघ के अध्यक्ष अमृत शुक्ला ने कहा कि सरकार अब 20 से 30 परसेंट लोएस्ट पर काम करने के लिए बाध्य कर रही है। लेकिन गढ़वा जिले के संवेदक एकजुट हैं। किसी भी योजना में टेंडर नहीं डाला जायगा। सभी संवेदक कार्य का बहिष्कार करेंगे।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार के इस आदेश से विकास कार्य ठप पड़ जाएंगे जो भी संवेदक हैं उनकी पूंजी टूट जाएगी।
संवेदकों के साथ यह घोर अन्याय है। उन्होंने कहा कि गढ़वा जिले में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल के द्वारा 7 योजनाओं का टेंडर निकाला गया था जो करीब 6 करोड़ का है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अगर सरकार बात नहीं मानती है तो वे लोग अगली रणनीति तैयार करेंगे।

बता दें समाहरणालय परिसर में गढ़वा जिले के करीब 70 से 75 ठेकेदार एकजुट होकर एक भी निविदा नहीं डालें और इसका बहिष्कार किया। गढ़वा विशेष प्रमंडल के 2 कर्मचारी परितोष कुमार सिंह और सुजीत कुमार सिंह निविदा लेने के लिए सुबह 10:00 बजे से 3:00 बजे तक समाहरणालय के गेट पर बैठे रहे।
इस मौके पर संवेदक संघ के जिला अध्यक्ष अमृत शुक्ला, आजम खान, परमानंद पांडे, डब्लू दुबे, नवीन पाठक, अश्वनी पांडे, अनंत कुमार दुबे, विनोद कुमार दुबे, सच्चिदानंद सिंह, मंटू तिवारी, अमित प्रताप देव, गुड्डू सिंह, मिथिलेश कुमार देव, संतोष तिवारी, विकास सिंह सहित अन्य ठेकेदार मौजूद थे।