गढ़वा : अपने ही चाचा से रास्ता के अभाव में पिछले दो वर्षों से जिले के आला अधिकारियों से लेकर तमाम संबंधित अधिकारियों के दरवाजे पर दस्तक दे चुका एक युवक परेशान है। मगर न्याय की फरियाद के लिए भटक रहे, इस युवक को अब तक न्याय नहीं मिल पाया। लिहाजा मजबूर होकर कैदियों की तरह खपरैल पुश्तैनी मकान में समय गुजारने को विवश है विकेश का परिवार।
मामला किसी सुदूरवर्ती इलाके का नहीं है, बल्की सदर प्रखंड के कुड़ी गांव का है। दरअसल विकेश के पिता को उनके भाइयों ने मिलकर उनकी पत्नी सहित दो भतीजों को घर में कैद रहने को विवश कर दिए हैं। बता दें कि बुद्धदेव पांडे उनकी पत्नी सरोज देवी, उनका लड़का विवेक पांडे और विकेश पांडे जमीन विवाद में अपने गोतिया से परेशान हैं।
बुद्धदेव पांडे का पुत्र विकेश पांडे ने बताया कि हमारा पांच एकड़ जमीन का विवाद है और हमारे पिताजी से छोटे पांच भाई हैं। सभी एकजुट होकर हम सभी को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे लोग बारह साल से परेशान हैं। छोटे से मिट्टी के घर में रहने को विवश हैं। उन्होंने बताया कि चाचा लोग घर से निकलने के लिए रास्ता भी नहीं दे रहे हैं।
गढ़वा अनुमंडल कार्यालय में वह दो वर्ष से चक्कर काट रहे हैं। मामला लंबित है, जिस पर कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले 27 नवंबर को गढ़वा एसपी को आवेदन दिए और 1 दिसंबर को उपायुक्त को भी आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाए हैं। विकेश पांडे ने गढ़वा डीसी को आवेदन देकर सभी लोगों पर कार्रवाई का मांग किया तथा न्याय की गुहार लगाई है।
उन्होंने आवेदन में बताया कि उनके चाचा दिनेश पांडे, विनय पांडे, लालमणि पांडे, राकेश पांडे, प्रवेश पांडे सभी मिलकर उन लोगों को प्रताड़ित करते हैं और खेती भी नहीं करने देते।