गढ़वा : झारखंड मुक्ति मोर्चा जिला कार्यालय में महागठबंधन घटक दल के कांग्रेस, राजद, माले ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर 8 दिसंबर 2020 दिन मंगलवार को कृषि कानून के खिलाफ किसानों के पक्ष में भारत बंद के पक्ष में सड़क पर उतरने तथा दुकानदार भाइयों एवं वाहन मालिकों से बंद को समर्थन देने का अपील किया है। नेताओं ने कहा कि महागठबंधन दल के नेता कार्यकर्ता मंगलवार को सड़क पर उतर कर बंद को सफल बनाने का काम करेंगे कथा पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली केंद्र की भाजपा सरकार को पूरे देश से एकजुटता का संदेश देंगे।
नेताओं ने बिंदुवार अपनी बातों को रखते हुए कहा कि अगर सरकार की नीयत साफ है तो मंडियों के बाहर होने वाली खरीद पर किसानों को एमएससी की गारंटी दिलवाने से क्यों इंकार कर रही है।
एमएसपी से कम खरीद पर प्रतिबंध लगाकर किसान को कम रेट देने वाली प्राइवेट एजेंसी पर कानूनी कार्रवाई की मांग को सरकार खारिश क्यों कर रही हैं।
कोरोना काल के बीच इन तीनों कानून को लागू करने की मांग कहां से आई यह मांग किसने की किसानों या औद्योगिक घरानों ने।
देश प्रदेश का किसान मांग कर रहे थे कि सरकार अपने वादे के मुताबिक स्वामीनाथन आयोग के सीटू फार्मूले के तहत एमएसपी दे लेकिन सरकार ठीक उसके उलट बिना एमएसपी प्रावधान के कानून लाई है आखिर इसके लिए किसने मांग की थी।
प्राइवेट एजेंसियों को किसने रोका है किसान के फसल के ऊंचे रेट देने से। फिलहाल प्राइवेट एजेंसी मंडियों एमएसपी से नीचे बिक रही धान, गेहूं, मक्का, बाजरा, दलहन तथा तिलहन फसलों को एमएसपी या एमएसपी से ज्यादा रेट पर क्यों नहीं दे रही हैं।
उस स्टेट का नाम बताया जाए जहां पर हरियाणा, पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ का किसान अपनी धान, गेहूं, चावल, गन्ना, कपास, सरसों, बाजरा, मक्का आदि फसलों का दाम उनके राज्यों से भी ज्यादा रेट पर बेचा जा सकें।
केंद्र सरकार बताए जमाखोरी पर प्रतिबंध हटाने से फायदा किसको होगा? किसान को या उपभोक्ता को या जमाखोरों को।
अगर सरकार, सरकारी खरीद को बनाए रखने का दावा कर रही है तो उसने इस साल सरकारी एजेंसी FCI के खरीद की बजट को कम क्यों कर दिया? वह भी आश्वासन क्यों नहीं दे रही कि भविष्य में बजट और कम नहीं किया जाएगा।
जिस तरह से सरकार, सरकारी खरीद से हाथ खींच रही है क्या इससे भविष्य में गरीबों के लिए जारी पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम समाप्त होने का खतरा नहीं है।
अगर कैन सरकार किसान विरोधी तीनों बिल तत्काल वापस नहीं लेती है तो किसानों के साथ सड़क से लेकर सदन तक उग्र आंदोलन किया जाएगा इसका जिम्मेदार केंद्र सरकार स्वयं होगी।
मौके पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष तनवीर आलम खान, सचिव मनोज ठाकुर, प्रवक्ता धीरज दुबे, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष नितेश सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्ष जमरूद्दीन अंसारी, माले के जिला सचिव कालीचरण मेहता एवं कांग्रेस के गढ़वा विधानसभा प्रभारी सत्यनारायण यादव मौजूद थे।
भवनाथपुर (गढ़वा) : 8 दिसम्बर को होने वाले भारत बन्द की सफलता के लिए भवनाथपुर झामुमो प्रखण्ड अध्यक्ष चन्दन कुमार ठाकुर ने झामुमो प्रखण्ड कमिटी के कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को बैठक किया गया।
प्रखण्ड अध्यक्ष चन्दन कुमार ठाकुर ने कार्यकर्ताओं को बताया कि केन्द्र सरकार किसानों को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। किसानों के आन्दोलन के बाद भी केन्द्र की सरकार सोई हुई है। केन्द्र सरकार को किसानों की चिन्ता नहीं है। झामुमो केन्द्रीय कमिटी के आवाहन पर झामुमो भवनाथपुर प्रखण्ड कमिटी के कार्यकर्ता प्रखण्ड के सड़कों पर उतर कर कल भारत बंद को सफल करेगे।
इस अवसर पर झामुमो प्रखण्ड प्रभारी सुरेश गुप्ता, प्रखण्ड सचिव संजय ठाकुर, संयुक्त सचिव पुटून राउत, मीडिया प्रभारी शशि दुबे, उपाध्यक्ष वकील अंसारी, संयुक्त सचिव अकबर अंसारी, पंकज बिहारी, आनंद पासवान सहित कई लोग मौजूद थे।